SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 3
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 8688888888888888888888888888888888888888868868 खरतरगच्छ का इतिहास 88888888888888888888888888888888888888888, विषय अनुक्रमणिका पृष्ठ खरतरमतोत्पत्ति-भाग पहला क्रम विषय १. जैन धर्म आज्ञा प्रधान धर्म है. .............. २. खरतरों की उत्सूत्र प्ररुपणा ३. पाटण के राजाओं की वंशावली. ................. ४. जावलीपुर में जिनेश्वरसूरि . ५. जैनाचार्यों को मिले हुये बिरुद ............... ६. अभयदेवसूरिकृत स्थानांग आदि सूत्रों की टीका... ७. जिनेश्वरसूरि आदि चन्द्रकुल के थे ८. रुद्रपालीशाखा के आचार्य .... ९. प्रमाणिक शिलालेख............... १०. खरतरगच्छ मंडन जिनदत्तसूरि .................. ११. सं. ११४७ का जाली शिलालेख .... १२. पल्ह कवि की षट्पदी ... १३. कँवला खरतर शब्द की उत्पत्ति ....... खरतरमतोत्पत्ति-भाग दुसरा १. जिनेश्वरसूरि का पाटण जाना. २. जिनेश्वरसूरि का शास्त्रार्थ किस की सभा में.. ३. जिनेश्वरसूरि का शास्त्रार्थ किस के साथ.... जिनेश्वरसूरि के शास्त्रार्थ का विषय ................ जिनेश्वरसूरि के शास्त्रार्थ का समय ................. जिनेश्वरसूरि को खरतर बिरुद ..................... क्या जिनेश्वरसूरि के पूर्व भी खरतर थे? ८. चैत्यवासियों का परिचय.. ९. चैत्यवासियों की विशेषता ............... و نی نی
SR No.034715
Book TitleKhartar Gaccha Ka Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar Maharaj
PublisherRatnaprabhakar Gyan Pushpmala
Publication Year
Total Pages256
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size2 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy