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________________ Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com नाम दन्तिवर्मा (दन्तिदुर्ग) प्रथम • 01 • 01 इन्द्रराज प्रथम गोविन्दराज प्रथम कर्णराज प्रथम इन्द्रराज द्वितीय वन्तिधर्मा (दन्तिदुर्ग) द्वितीय •:0) 01 .. O मान्यखेट (दक्षिण) के राष्ट्रकूटों का नक्शा उपाधि कृष्णराज प्रथम नं० ५ का भाई गोविन्दराज द्वितीय नं० ७ का पुत्र ११ प्रमोघवर्ष प्रथम परस्पर का सम्बन्ध मं० १ का पुत्र नं० २ का पुत्र नं० ३ पुत्र नं० ४ नं० ५ का पुत्र ध्रुवराज नं० ८ का भाई गोविन्दराज तृतीय नं० १ का पुत्र नं० १० का पुत्र ..1 1 .. ..] ज्ञात समय महाराजाधिराज श. सं. ६७५ श. सं. ६६० (६६२) ६६४ महाराजाधिराज | श. सं. ६९२, (६६७, ७०१ ) ७०५ महाराजाधिराज श. सं. ६१७, ७०१, [७१५] महाराजाधिराज श. सं. ७१६, ७२६, ७३०, ७३४, ७३५ महाराजाधिराज श. सं. ७३८, ७४६ [७५७] ७६५, ७७५, (७७३), ७८२, ७८७, ७८८, ७८९ [ ७६९ ] समकालीन राजा आदि पश्चिमी चालुक्य कीर्तिवर्मा । राहप्प, और कीर्तिवर्मा । प्रतिहार वत्सराज माराशर्व, कांची का दन्तिग, इन्द्रायुध, वत्सराज ( वराह ), मौर विजयादित्य | शिलारवंशी कपर्दी द्वितीय, पृथ्वीपति, कर्कराज, संकरणगड, प्रौर पुलुकि । राष्ट्रकूटों का इतिहास
SR No.034595
Book TitleRashtrakuto (Rathodo) Ka Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorVishweshwarnath Reu
PublisherArchealogical Department Jodhpur
Publication Year1934
Total Pages182
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size27 MB
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