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________________ नियंत्रित करने में काफी हद तक सफलता प्राप्त हुई है। राजस्थान जैन सघ इसके लिए आचार्य श्री के प्रति विशेष रूप से हार्दिक आभार प्रकट करता है। परम पूज्य आचार्यदेव श्रीमद् विजय रामचन्द्रसूरीश्वरजी महाराज साहब की तरफ से विविध विषयों एवं गूढ मसलों पर मार्गदर्शन, सलाह एवं सहयोग प्राप्त होता रहा है आज भी वे देने के लिए कृत संकल्प हैं जिसके लिये राजस्थान जैन संघ उनका हार्दिक आभार प्रकट करता है और आशा करता है कि भविष्य में भी पूज्य आचार्य श्री का इसी तरह वरदहस्त राजस्थान जैन संघ पर रहेगा। वर्तमान में राजस्थान जैन परिषद् के कार्यकर्ताओं के रूप में सर्व श्री जौहरीमल जी पारख, जोधपुर, श्री वल्लभराज जी कुम्भट. जोधपुर एवं श्री लेखराज जी मेहता, जोधपुर तथा जैन संस्कृति रक्षक सभा के महामंत्री श्री शंकरलाल जी मुणोत, ब्यावर तथा उदयपुर श्री संघ के कार्यकर्ता श्री कन्हैयालाल जी जैन, श्री वीरचन्द जी सिरोया, श्री चतुरसिंह जी गोड़वाड़ा एवं श्री गणेशलाल जी पुजावत का सहयोग प्राप्त हो रहा है। संघ उनकी निस्वार्थ सेवाओं की अनुमोदना करता है और भविष्य में उनके सहयोग की अपेक्षा करता है। राजस्थान जैन संघ को प्रत्येक कार्यवाही एवं प्रवृत्तियों में सेठ कल्याण जी परमानन्द जी पेढ़ी, सिरोही के स्टॉफ का पूरा ( २५ ) Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034592
Book TitleRajasthan Jain Sangh Sirohi Sankshipta Report
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPukhraj Singhi
PublisherPukhraj Singhi
Publication Year1987
Total Pages44
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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