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________________ राजस्थान जैन संघ की तरफ जिला स्तर पर सिरोही जिला जैन संघ की स्थापना की गई है और उसके मुख्य उद्देश्य राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम के अन्तर्गत संस्थाओं, प्रन्यासों को उचित मार्गदर्शन एवं सलाह-सूचना देकर उन्हें उक्त कानून के अन्तर्गत पंजीयन कराने में सहायता देना है। इस समिति में सिरोही जिले के निवासी ही सदस्य हैं। राजस्थान जैन संघ की कार्रवाईयां एवं प्रवृत्तियों में विशेष रूप से सर्वश्री अचलमलजी मोदी, श्री लालचन्दजी मोदी, तथा अर्थ संयोजक श्री ताराचंदजी भण्डारी का उल्लेखनीय योगदान प्राप्त हुआ है। दुर्भाग्यवश इन कार्यकर्तामों का देवहासान हो गया। राजस्थान जैन संघ उनकी सेवाओं से उऋण नहीं हो सकता। राजस्थान संघ को इनके स्वर्गवास से अपूरणीय क्षति पहुंची है। श्री अगरचंदजी नाहटा का भी राजस्थान जैन संघ को समय-समय पर महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है आज श्री नाहटा हमारे बीच नहीं हैं किन्तु उनकी सेवाओं के लिए राजस्थाय जैन संघ उनका आभारी है। परम पूज्य आचार्यदेव श्री पद्मसागरसूरीश्वरजी महाराज साहब ने अनोपमण्डल के घृणात्मक प्रवृत्तियों के विरुद्ध राजनैतिक स्तर पर प्रभावी कार्य कर एवं मार्गदर्शन देकर सहयोग प्रदान किया है तथा जिससे संघ को इनकी कार्रवाईयों को ( २४ ) Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034592
Book TitleRajasthan Jain Sangh Sirohi Sankshipta Report
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPukhraj Singhi
PublisherPukhraj Singhi
Publication Year1987
Total Pages44
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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