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________________ लिये प्रयत्न करने लगे। आपने ताः ५-६-३२ से १५-१-३२ तक मंत्रीजी को सम्बोधन करके बुलेटिन नं०२।३।४ प्रकाशित की। इन सबों में समाज की उन्नति के लिये कई प्रकार को स्कीम तथा अन्यान्य विषयों की आलोचना थी। इधर कायकर्ताओं की ओर से भारत के भिन्न २ स्थानों में अषाढ़ वदि १ ता० १६.६३२ से निमंत्रणपत्र भेजा जाने लगा। इसके बाद से ही कार्यक्रम बढ़ता गया । अपने समाज का गोशवारा, डाइरेकरी तैयार करने के लिये फार्म बना कर सब प्रान्तों में भेजे गये। इसके अतिरिक्त मंत्री की ओर से स्वयंसेवकों के नियम, उनके प्रवेश के लिये प्रार्थना-पत्र आदि भी आवश्यकतानुसार प्रकाशित होते रहे। उपरोक्त विज्ञप्तियां, बुलेटिन आदि साहित्य डाक द्वारा मुख्य २ नगरों और शहरों में प्रचारार्थ भेजे गये। सुयोग्य उत्साही मंत्री बाबू अक्षयसिंहजी डांगी ने अंग्रेजी भाषा में 'The Future of the Oswal Community' नामक एक सारगर्भित लेख ताः २-७-३२ को प्रकाशित किया। ___इन सब साहित्यों से लोकमत पुष्ट करके सदस्य और प्रतिनिधि बना कर जिसमें समाज के लोग सम्मेलन के अवसर पर अच्छी संख्या में उपस्थित होकर उसकी कार्यवाही में भाग लें, इसको व्यवस्था के लिये डेपुटेशन की पाटियां स्थान २ में, विशेष कर जहां ओसवालों की अच्छी बस्तो है भेजने का निश्चय किया गया। डेपुटेशन के दौरे में जिन २ महाशयों ने भाग लिया था उनके कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है :(१) बाबू सम्पतराजजी धाड़ीवाल और बाबू रतनचंदजी पारख । आपलोग देहली, पंजाब और बीकानेर प्रान्त में गये और २०० मेम्बर बनाया तथा सम्मेलन के सहायतार्थ रु० ३७१) चंदा संग्रह किया और निम्नलिखित स्थानों में प्रचार का कार्य किया : देहली, पटियाला, नाभा, मालेरकोटला, अम्बाला, लुधियाना, होशियारपुर, जालंधर, झंडियाला गुरु, अमृतसर, नारोवाल, पसरुर, सियालकोट, जम्मू, झोलम, रावलपिंडी, गुजरानवाला, लाहौरपट्टी, कसूर, फरीदकोट, जीरा, रोहतास, जगरामा, बीकानेर, सरदार सहर, चूरु, रतनगढ़, गंगा शहर और लाडनू ।। (२) राय साहेब कृष्णलालजी बाफणा और बाबू उगमचंदजी मेहता आपलोग सी० आई०, सी०, पी०, गुजरात और काठियावाड़ गये, २०० मेम्बर बनाया तथा सम्मेलन के सहायतार्थ रु० ६२०) चंदा संग्रह किया और निम्नलिखित स्थानों में प्रचार का कार्य किया : किशनगढ़, जयपुर, जोधपुर, कोटा, रतलाम, पूना, बम्बई, इन्दौर, खंडवा, भुसावल, जलगांव, जामनेर, मनमाड़, नासिक, इगतपुरी, अहमदनगर, औरंगाबाद, जालना, परमणो, अकोला, अमरावती, चान्दा, श्योध, मालबच्चो, नागपुर, बेतूल, होसंगाबाद, भोपाल, Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034568
Book TitleOswal Maha Sammelan Pratham Adhiveshan Ajmer Ki Report
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRai Sahab Krushnalal Bafna
PublisherRai Sahab Krushnalal Bafna
Publication Year1933
Total Pages86
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
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