________________ (4) Chandrakanta चन्द्रकान्त (वेदान्त ज्ञानका मुखग्रन्थ.) प्रथम भाग. यह वह ग्रन्थ है कि, जो नितान्त निर्धान्त वेदान्त सिद्धान्तका एकांत प्रतिपादक "च. न्द्रकान्त" मणि बम्बई प्रान्तके प्रसिद्ध साप्ताहिक 'गुजराथी' पत्रके मुख्य संपादक गुजराती भाषाके सुविख्यात लेखक, अनेक ग्रन्थोंके निर्माता देशभक्तधुरीण, सारासारविवेक-प्रवीण, वैश्यकुलभूषण श्रीमान् शेठ इच्छाराम सूर्य राम देसाईके शुद्ध हृदयमें दैदिप्यमान प्रबोधरल-भाण्डागारका चमचमाता ' हुआ एक अमूल्य रल है. किं. रु. 2-4. आरब्धमुद्रणा ग्रन्थाः। Taittiriya-Upanishat 16 तैत्तिरीयोपनिषत्-श्रीमच्छंकरभगवत्पादकृतभाष्येणानन्दगिरिकतटीकायुतेन तैत्तिरीयविद्याप्रकाशेन च सहिता। Mimansa Nyaya Bindu 17 मीमांसान्यायबिन्दुः--वैधनाथकृतः पूर्वमीमांसाग्रन्थः / Lagbu Shabdendushekhar 18 लघुशब्देन्दुशेखरः-परिष्कारटिप्पनीयतः / Prayashchittendushekhar 19 प्रायश्चित्तेन्दुशेखरः--नागेशभकृतः / Maha Bhagavata i 20 महाभागवतम्--देवीपुराणम् / / 'गुजराती' मुद्रणालयाधिपतिः / कोट सासून चिल्डिंग-मुंबई