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________________ नय अधिकार. ( १५९ ) वर्तमान कालकी बात माने निक्षेपा एकभाव माने संपुरण वस्तु को वस्तु माने एक अंशभी कम हों तो एवंभूत नयवाला वस्तु को अस्तु माने । शकादि अपने अपने कार्यमें उपयोग से युक्त कार्यको कार्य माने । इन सातों नयपर अनुयोग द्वार में तीन दृष्टान्त इसी माफीक है । (१) वस्तिका (२) पायलीका (३) प्रदेशका | सामान्य नैगमनयवाले को विशेष नैगमनयवाला पुच्छता है कि आप कहiपर निवास करते है ? सामान्य नयवाला बोला कि में लोकमें रहता हुं. विशेष - लोक तीन प्रकारका है अधोलोक उर्ध्वलोक तीर्यग् लोग है आप कीस लोकमे रहते है ? सामान्य - मे तीर्य गलगमे रहता हुँ । विशेष - तीच्छलोगमे द्विप बहुत तुम कोनसे द्विपमें -रहते हो ? सामान्य - में जम्बुद्विप में नामका द्विपमें रहता हूं. -- वि - जम्बुद्विमें क्षेत्र बहुत है तुम कोनसे क्षेत्रमें रहते हो ? सा- - मे भरतक्षेत्र नामक क्षेत्रमे रहता हूं. वि०- भरत क्षेत्र दक्षिण उत्तर दो है आप कोनसे भरतमे रहते हो ? सा - में दक्षिण भरतक्षेत्र में रहता हूं. वि-दक्षिण भरतमें तीन खंड है तुम कोनसे खंड में रहते हो ? सा - में मध्यखंडमे रहता हूं. वि - मध्यखंड मे देश बहुत है तुम कोनसा देशमे रहते ही ? सा- में मागध देशमे रहता हूं.
SR No.034231
Book TitleShighra Bodh Part 01 To 05
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherSukhsagar Gyan Pracharak Sabha
Publication Year1924
Total Pages430
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size11 MB
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