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________________ हमारे प्रकाशन सहयोगी 1. श्रीमान् जबरचंद जी सा. चोरड़िया, मेड़ता भैरून्दा निवासी श्रीमान् जीवराज जी सा. चोरड़िया के पौत्र एवं श्रीमान् भंवरलाल जी सा. चोरड़िया के सुपुत्र श्रीमान् जबरचंद जी सा. चोरड़िया एक उदार, कर्मठ एवं धर्मनिष्ठ सुश्रावक हैं जिनका ख्यातनामा नानक वंश के प्रति सदा से समर्पण-भाव रहा है । व्यावसायिक जगत में अपनी प्रामाणिकता एवं कार्यकुशालता से एवं धार्मिक व सामाजिक जगत में अपनी त्याग-प्रधान उदार प्रवृति से स्पृहणीय लोकप्रियता प्राप्त की है। आपकी धर्मपत्नी श्रीमती पिस्ता कंवरबाईजी भी धर्मानागिणी महिला है। आपके चारों सुपुत्र श्रीमान् ज्ञानचंदजी, सुजीतकुमारजी, गौतमचंदजी एवं पदमचंदजी भी आज्ञाकारी, धर्मशील व उत्साही युवा-शाक्तियाँ है। जो मेड़ता, अहमदाबाद व कोयम्बटूर में व्यवसायरत हैं। आपकी दो सुपुत्रियाँ-श्रीमति कमलेश जी सूरिया (भीलवाड़ा) एवं श्रीमती विमलेश जी ओस्तवाल (ब्यावर) भी संस्कारशील एवं श्रद्धासम्पन्न है तथा अपनी धार्मिक रूचि से समाज में अग्रणी स्थान बनाए हुए है। 2.श्रीमान नितिन कुमार जी सा.कावड़िया, दिल्ली उसी व्यक्ति का जीवन घन्य है, जिसके मन में स्नेह, सद्भावना, उदारता व तप-त्याग की सात्विक वृत्तियां विद्यमान हों।इस कसौटी पर जब हम् घर्मनिष्ठ सुश्रावक श्रीमान् नितिन कुमार जी सा. कावड़िया का जीवन परखते है तो आपका जीवन परम यशस्वी एवं तेजस्वी दृष्टिगत होता है। आप मूलतः सादड़ी (मरवाड़) के निवासी हैं। आपके पिता श्रीमान् खूबीलालजी सा, कावड़िया एवं माता श्रीमती कमलाबाई जी करूणा, उदारता एवं धर्मानुरागिता की साकार प्रतिमा थी। आपके सरल स्वभाव, परोपकारी वृत्ति एवं दयालुता की गहरी छाप आपके सुपुत्र श्रीमान् नितिन कुमार जी पर भी पड़ी और आप सत्यनिष्ठा, दृढनिश्चय एवं कार्यकुशलता से निजी व्यवसाय पटेल आंगडियां एण्ड कं. में निरन्तर उन्नति करते रहे। आपके समान आपकी धर्मपत्नी श्रीमती सज्जनबाई जी भी उदार, धर्मनिष्ठ व परम गुरू भक्त महिला है। आपके काका साहब श्रीमान् संपतराजजी सा. का 'नूतन राजुमणि ट्रांसपोर्ट' नाम से विख्यात व्यवसाय है। आपके सुपुत्र चि. आशीष व सौरभ अच्छे संस्कार वान मेघावी बालक हैं। 3. श्रीमान् रोशनलाल जी सा.खटोड़, सरेरी परम सेवाशील, सुदृढ आस्था वन्त सुश्रावक श्रीमान् भैरूलाल जी सा. खटोड़ के आत्मज श्रीमान् रोशललाल जी सा. खटोड़ सरेरी बांध (जिला भीलवाड़ा) के निवासी हैं। आप कर्त्तव्यनिष्ठ, उत्साही नवयुवक के रूप में समाज में समादृत है। आपके व्यावसायिक अनुभव, विनम्र व्यवहार एवं सत्यनिष्ठा से आपका 'आनन्द फिलिंग स्टेशन' नाम से पेट्रोल पम्प का व्यवसाय उन्नति पर हैं। युवा-हृदय होने के कारण आप अ. भा. प्राज्ञ जैन युवा मंडल की संचालन समिति के सदस्य भी हैं।
SR No.032440
Book TitleSutrakritang Sutra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSudarshanlal Acharya, Priyadarshan Muni, Chhaganlal Shastri
PublisherShwetambar Sthanakvasi Jain Swadhyayi Sangh
Publication Year1999
Total Pages658
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & agam_sutrakritang
File Size21 MB
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