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________________ संक्रमकरण ] = २६ पतद्ग्रहस्थान पतद्ग्रह प्रकृतियां संक्रमस्थान संक्रम प्रकृतियां | सत्ता संक्रम काल स्वामी रहित) २१ । पूर्व करोड़ वर्ष सम्यग्दृष्टि क्षपित सम्यग्दृष्टि ११ प्रकृतिक संज्वलन चतुष्क, पु. वेद, भय, २६ प्रकृतिक २५ कषाय मिथ्यात्व | २८ | एक आवलिका | उपशम सम्यग्दृष्टि जुगुप्सा, अन्यतर युगल, सम्यक्त्व मो प्रथम आवलि. में मिश्र मो. = ११ २७ प्रकृतिक | ,, मिश्र मो. मिथ्यात्व | २८ | अन्तर्मुहूर्त | उपशम सम्यग्दृष्टि = २७ प्रथम आ. के बाद २३ प्रकृतिक | २१ कषाय मिश्र मो. | २४ अन्तर्मुहूर्त | क्षपित अनन्तानु. मिथ्यात्व मो. = २३ उपशम सम्यग्दृष्टि क्षपित अनन्तानु. | वेदक सम्यग्दृष्टि १० प्रकृतिक | संज्वलन चतुष्क, पु. वेद, भय, २२ प्रकृतिक | २१ कषाय मिश्र मोह. | २३ | अन्तर्मुहूर्त | क्षपित मिथ्यात्व जुगुप्सा, अन्यतर युगल, सम्यक्त्व = २२ वेदक सम्यग्दृष्टि मोहनीय = १० ९ प्रकृतिक सम्यक्त्व मोहनीय वर्जित पूर्वोक्त २१ प्रकृतिक | २१ कषाय मिश्र मोह. = २२ २१ कषाय | २२ - अन्तर्मुहूर्त क्षपितमिश्र वेदक २१ | देशोनपूर्व कोटि | सम्यग्दृष्टि - क्षपित सम्यग्दृष्टि
SR No.032438
Book TitleKarm Prakruti Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivsharmsuri, Acharya Nanesh, Devkumar Jain
PublisherGanesh Smruti Granthmala
Publication Year2002
Total Pages522
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size39 MB
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