SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 33
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ गाथा - २७ गाथा - २८ ३७९ ३७९ वामित्व गाथा - । ३८० गाथा । ३८१ गाथा - । ३८१ गाथा - गाथा - ३३ गाथा - । ३८२ ३८३ ३८४ । गाथा - ३५ ३८४ गाथा-३६ उत्कृष्ट प्रदेशसत्वस्वामित्व का विचार मिथ्यात्व और मिश्र तथा नपुंसकवेद के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व का स्वामित्व स्त्रीवेद के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व का स्वामी पुरुषवेद के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व का स्वामी संज्वलनकषायचतुष्क, सातावेदनीय, उच्चगोत्र और यश:कीर्ति के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व का स्वामी देवायु, नरकायु के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व का स्वामी शेष आयु भेदों के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व का स्वामी नरकद्विक और वैक्रियनवक के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व के स्वामी वज्रऋषभनाराचसंहनन सहित मनुष्यद्विक को बांधने वाले का उत्कृष्ट प्रदेशसत्वस्वामित्व सम्यग्दृष्टि योग्य ध्रुवबंधिनी प्रकृतियों के उत्कृष्ट प्रदेशसत्व का स्वामी तैजससप्तक शुभवर्णएकादशक अगुरुलघु निर्माण रूपशुभ प्रकृतियों का उत्कृष्ट प्रदेशसत्वस्वामित्व एकेन्द्रियजाति, स्थावर, आतप उद्योत सूक्ष्मत्रिक के उत्कृष्ट प्रदेश के सत्व का स्वामी जघन्य प्रदेश सत्कर्मस्वामित्व उद्वलन प्रकृतियों के जघन्य प्रदेशसत्व स्वामी का निरूपण संज्वलनलोभ और यश:कीर्ति के जघन्य प्रदेशसत्व का स्वामी वैक्रियदशक के जघन्य प्रदेशसत्व का स्वामी मनुष्यद्विक और उच्चगोत्र तीर्थंकर, आहारकसप्तक के जघन्य प्रदेशसत्व का स्वामी ३८५ गाथा - ३७ गाथा ३८६ गाथा ३८७ गाथा - ४० ३८८ गाथा - ४१ ३८८ ३८९ गाथा - ४२ गाथा - ४३ ३९० [३१]
SR No.032438
Book TitleKarm Prakruti Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivsharmsuri, Acharya Nanesh, Devkumar Jain
PublisherGanesh Smruti Granthmala
Publication Year2002
Total Pages522
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size39 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy