SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 15
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ गाथा - ६१, ६२, ६३,६४ गाथा-६५ गाथा -६६,६७ गाथा - ६८ ९८ सर्वसंक्रम का काल प्रमाण क्षेत्रापेक्षा सर्वसंक्रम का प्रमाण आहारकसप्तक का उद्वेलक आहारकसप्तक की उद्वलना का काल आहारकसप्तक के उत्कीर्ण द्रव्य को प्रक्षिप्त करने की विधि आहारकसप्तक के चरम स्थितिखंड के उद्वलन का क्रम मिथ्यादृष्टि द्वारा की जाने वाली उद्वलना योग्य प्रकृतियां सम्यग्दृष्टि द्वारा की जाने वाली उद्वलना योग्य प्रकृतियां विध्यातसंक्रम का लक्षण गुणप्रत्यय व भवप्रत्यय से न बंधने वाली प्रकृतियां विध्यातसंक्रम में संक्रमित होने वाले कर्मदलिकों का प्रमाण विध्यातसंक्रम कब प्रवृत्त होता है ? गुणसक्रम का लक्षण गुणसंक्रम के लक्षण का स्पष्टीकरण गुणसंक्रम का अपर लक्षण यथाप्रवृत्तसंक्रम का लक्षण व स्पष्टीकरण उद्वलना, विध्यात, गुण और यथा प्रवृत्त संक्रम में अपहार काल का अल्पबहुत्व यथाप्रवृत्तसंक्रम का काल उद्वलना संक्रम का काल स्लिवुकसंक्रम का लक्षण एक सौ छब्बीस ध्रुवसत्ताका प्रकृतियों के प्रदेश संक्रम के विकल्पों की सादि-अनादि प्ररूपणा पूर्वोक्त से शेष अध्रुवसत्ताका प्रकृतियों के प्रदेशसंक्रम के विकल्पों की सादि-अनादि प्ररूपणा गाथा - ६९ गाथा - ७० गाथा - ७१ गाथा - ७२,७३ [१३]
SR No.032438
Book TitleKarm Prakruti Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivsharmsuri, Acharya Nanesh, Devkumar Jain
PublisherGanesh Smruti Granthmala
Publication Year2002
Total Pages522
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size39 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy