SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 13
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ गाथा - ३९ गाथा - ४० गाथा - ४१ गाथा - ४२-४३ सम्यक्त्व और सम्यमिथ्यात्व के उत्कृष्ट स्थितिसंक्रम का स्वामित्व ज्ञानावरणपंचक, दर्शनावरणचतुष्क और अन्तरायपंचक के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व वेदकसम्यकत्व के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व मिथ्यात्व और सम्यग्मिथ्यात्व के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व संज्वलन लोभ के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व अनन्तानुबंधीकषायचतुष्क के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व सयोग्यान्तिक प्रकृतियों के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व शेष प्रकृतियों के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व वेदों के जघन्य स्थितिसंक्रम का स्वामित्व अनुभागसंक्रम के भेद सर्वघाति, देशघाति अनुभाग स्पर्धकों की व्याख्या अघाति प्रकृतियों के अनुभाग स्पर्धकों में सर्वधातित्व का विधान दर्शनमोहत्रिक के रसस्पर्धकों का स्पष्टीकरण अनुभागसंक्रम का लक्षण सम्यक्त्वमोह का उत्कृष्ट अनुभागसंक्रम प्रमाण मनुष्यायु तिर्यंचायु, आतप और सम्यग्मिथ्यात्व का उत्कृष्ट अनुभागसंक्रम प्रमाण पूर्वोक्त से शेष प्रकृतियों के उत्कृष्ट अनुभागसंक्रम का प्रमाण सम्यक्त्वमोह, पुरुषवेद, संज्वलन कषायों के जघन्य अनुभाग संक्रम का प्रमाण पूर्वोक्त से शेष प्रकृतियों के जघन्य अनुभागसंक्रम का प्रमाण गाथा - ४४ गाथा - ४५ गाथा - ४६ गाथा - ४७ - ४८ [११]
SR No.032438
Book TitleKarm Prakruti Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShivsharmsuri, Acharya Nanesh, Devkumar Jain
PublisherGanesh Smruti Granthmala
Publication Year2002
Total Pages522
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size39 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy