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________________ आगम-सम्पादन की यात्रा ४. आचारांग (प्रथम) निर्देशक-मुनिश्री सुखलालजी (सुजानगढ़)। सहयोगी-मुनिश्री चम्पालालजी (लाडनूं), मुनिश्री हीरालालजी, मुनिश्री बसन्तीलालजी (गणबाहिर)। कार्यारम्भ-सं. २०१२, श्रावण शुक्ला १ । सम्पूर्ति श्रावण शुक्ला पूर्णिमा । ५. जीवाभिगम, निशीथ, पिण्डनियुक्ति निर्देशक-मुनिश्री राजकरणजी। सहयोगी-मुनिश्री सोहनलालजी (चाड़वास), मुनिश्री मांगीलालजी। ६. राजप्रश्नीय निर्देशक-मुनिश्री बुद्धमल्लजी। सहयोगी-मुनिश्री रिद्धकरणजी (श्रीडूंगरगढ़), मुनिश्री मोहनलालजी 'शार्दूल', मुनिश्री मधुकरजी। सम्पूर्ति–सं. २०१३, दिल्ली चतुर्मास में। ७. आवश्यक मुनिश्री दुलहराजजी। ८. आगम-विषय-वर्गीकरण आचारांग आदि अनेक आगमों के विषयों का वर्गीकरण तैयार किया गया था। इसमें मुख्यतः मुनिश्री सागरमलजी 'श्रमण', मुनिश्री सुखलालजी (सुजानगढ़) और मुनिश्री दुलहराजजी कार्य करते थे। साध्वियों द्वारा किया गया कार्य १. सूत्रकृतांग, समवायांग, निरयावलिका निर्देशिका–साध्वीश्री सिरेकंवरजी, साध्वीश्री सोहनांजी (लाडनूं), साध्वीश्री हुलासांजी, साध्वीश्री हर्षकुमारीजी, साध्वीश्री पुण्यश्रीजी । कार्यारम्भ–सं. २०१२ उज्जैन, श्रावण कृष्णपक्ष में। सम्पूर्ति कार्तिक के शुक्लपक्ष में।
SR No.032420
Book TitleAgam Sampadan Ki Yatra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDulahrajmuni, Rajendramuni
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year2011
Total Pages188
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size12 MB
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