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________________ अनुक्रमणिका खंड - १ विवाहितों के लिए ब्रह्मचर्य की चाबियाँ [१] विषय नहीं, लेकिन निडरता वही विष [३] अणहक्क की गुनहगारी अणहक्क से सावधान... ३८ अणहक्क से भंग पाँचों महाव्रत ४१ ४४ हरहाये पशु की क्या गति ? थ्री विज़न की जागृति बहुत... ४५ अणहक्क का विषय... नर्क में ४६ जो हक़ की मर्यादा... गारन्टी ४७ [४] एक पत्नीव्रत का अर्थ ही ब्रह्मचर्य १४ जो लोकनिंद्य नहीं,... लोकपूज्य ४९ 'एक पत्नीव्रत'... ब्रह्मचर्य ही ४९ शादी चार से करो,... सिन्सियर ५१ १५ सूक्ष्म में भी एक... चाहिए ५४ हक़ का भी नोर्मेलिटी में ५५ ५६ तेरी ताक़त के अनुसार शादियाँ.... [५] अणहक्क के विषयभोग, नर्क का कारण १ सावधान, विषय में निडरता से स्त्री की नहीं, गलती खुद की पत्नी के साथ मोक्ष, एक शर्त पर ५ २ ७ दवाई कब पीनी चाहिए ?... तब ! ऐसी सरलता मोक्षार्थी... से? है डिस्चार्ज, लेकिन माँगे जागृति शुरू करो आज से ही.... लोकसंज्ञा से फँसा विषय में अक्रम के अलावा... मिलेगी ? ८ ९ ११ [ २ ] दृष्टि दोष के जोखिम आँखों का क्या गुनाह ? भैंस की भूल पर... को मार नहीं मिलाना दृष्टि कभी दृष्टि बिगड़े वहाँ भव जुड़ जाएँ क़ीमत खूबसूरत चमड़ी की सुंदर भोगे जाते हैं, अधिक खुला सुंदरता का रहस्य जाँचो विषय का पृथक्करण १७ १८ २० २२ २४ २५ २६ २८ दाद खुजलाए ऐसा सुख विषय का विवरण,... दृष्टि से कृपालुदेव ने कहा है.... बुद्धि से भी छूट सकते... विषय ३४ एक ने डंक खाया,... सभी को ३६ ३१ २९ ३० परपुरुष - परस्त्री नर्क का कारण शील के लुटेरे, नर्काधिकारी भयंकर जोखिमवाले... विषय ५९ ६० ६२ दादाजी छुड़वाएँ नर्कगति से ६२ उसके जोखिम तो ध्यान में रखो ६३ दोनों सहमत, फिर भी जोखिम ६५ ब्रह्मचर्य के इच्छावान... ज्ञान ६५ अणहक्क के विषय... छूटता ६८ 33
SR No.030110
Book TitleSamaz se Prapta Bramhacharya Uttararddh
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDada Bhagwan
PublisherDada Bhagwan Aradhana Trust
Publication Year2013
Total Pages326
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size1 MB
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