SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 118
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ अणहक्क के विषयभोग, नर्क का कारण ८१ आपको यदि छूटना हो, मोक्ष में जाना हो तो आपको शंका नहीं करनी चाहिए। कोई अन्य पुरुष आपकी ‘वाइफ' के गले में हाथ डालकर घूम रहा हो और वह आपने देख लिया तो क्या आपको ज़हर खा लेना चाहिए! प्रश्नकर्ता : नहीं, ऐसा क्यों करूँ? दादाश्री : तो फिर क्या करोगे? प्रश्नकर्ता : थोड़ा नाटक करना पड़ेगा, फिर ज़रा समझाना। बाद में फिर जो कुछ भी करे वह 'व्यवस्थित'। दादाश्री : हाँ, ठीक है। आपकी 'वाइफ' पर, और घर में अन्य किसी पर भी अब आपको शंका नहीं होगी न? क्योंकि ये सारी 'फाइलें' हैं। उसमें शंका करने जैसा क्या है ? जो हिसाब होगा, जो ऋणानुबंध होगा, उसके अनुसार फाइलें टकराएँगी और हमें तो मोक्ष में जाना है!
SR No.030110
Book TitleSamaz se Prapta Bramhacharya Uttararddh
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDada Bhagwan
PublisherDada Bhagwan Aradhana Trust
Publication Year2013
Total Pages326
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size1 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy