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________________ नीति-शिक्षा-संग्रह (33) जाता है / (2) दालचीनी अथवा बादाम का तेल सिरपर मलने से सिरदर्द पाराम हो जाता है / (3) प्याज को कूटकर सूंघने और चन्दन और कपूर पत्थर पर खूब महिन पीसकर सिर पर लगाने से सिर की गर्मी और गर्मी से पैदा हुआ सिरदर्द अवश्य पाराम हो जाता है। (४)ज़रा सा जायफल दूध में पीसकर लगाने से सर्दी और जुकाम का सिरदर्द निश्चय ही आराम हो जाताहै / (5) अगर गर्मी से सिर में दर्द हो, तो ताजा गाय का घी' सिर परे गलना चाहिए / (५)केशर को घी में पीस कर झूबने से आधा शीशी का दर्द आराम हो जाता है / (६)वच और पीपर को गहीन पीस छानकर चूचनी की तरह सूचने से आधाशीशी और सिग्दर्द आराम हो जाते हैं / (७)लोंग दो दाने और अफीम चार रत्ती, पानी में पिसकर और कुछ गर्म करके लगाने से नजले का सिादर्द आराम होता है / 61 कान के रोगों की दवा--- (1) अगर कान में कीड़ा घुस जावे तो मकोय के पत्ते का रस कान में टपकाओ। (२)अगर कानमें कनखजूग या कनसलाई घुस जावे तो मरोडफली की जड़ को रंडी के तेल में घिसकर दस बीस दफा कान में टपकाओ / इम दवा से कनखजूग बाहर निकल जावेगा (3) यदि कान में कीड़े हों, तो 'एलुमा' पानी में पीसकर पतला 2 कान में भर दो, उस पानी को थोड़ी देर कान में रहने दो / घड़ी भर बाद कान को
SR No.023532
Book TitleNiti Shiksha Sangraha Part 02
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBherodan Jethmal Sethiya
PublisherBherodan Jethmal Sethiya
Publication Year1927
Total Pages630
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size35 MB
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