SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 17
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ • प्रथम वचन प्रारंभ : फागुण सुदी 14, संवत् 2034 पाटण (गुजरात) • चातुर्मासिक प्रवचन प्रारंभ : बाली संवत् 2038 (पू.आ. श्री राजतिलकसूरीश्वरजी म.सा. के सान्निध्य में) • चातुर्मासिक प्रवचन : बाली, पाली (दो बार) रतलाम, अहमदाबाद (ज्ञानमंदिर), पाटण, सुरेन्द्रनगर, रानीगांव, पिंडवाडा, उदयपूर, जामनगर, अहमदाबाद (गिरधरनगर), थाणा, कल्याण, दादर (मुंबई), सायन (मुंबई), धूलिया, कराड, चिंचवड भायंदर, पूना, येरवडा, दीपक ज्योति टॉवर, श्रीपाल नगर, कर्जत, भिवंडी (दो बार) कल्याण (दो बार) रोहा, भायंदर, पालीताणा आदि • विहार क्षेत्र : राजस्थान, गुजरात, सौराष्ट्र मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र आदि • (छ'री पालित संघ में मार्गदर्शन-प्रवचन) : बरलूट से शत्रुजय, गोदन से जैसलमेर, वल्लभीपुर से पालीताणा, लुणावा से राणकपूर पंचतीर्थी • छ'री पालक निश्रादाता : उदयपुर से केशरीयाजी, गिरधनगर से शंखेश्वर, धूलिया से नेर, कराड से कुंभोज, सोलापूर से बार्शी, भिवंडी से महावीर धाम, कर्जत से मानस मंदिर हस्तगिरि से शत्रुजय गिरनार आदि • प्रथम पुस्तक आलेखन : "वात्सल्य के महासागर" संवत् 2038 • प्रकाशित पुस्तकें : (160) लगभग • संस्कृत साहित्य संपादन-सह संपादन : सिद्ध हैमशब्दानुशासनम्-बृहदवृत्ति लघु न्यास सह, पांडवचरित्र आदि • अन्य संपादन : भगवान पार्श्वनाथ की परंपरा का इतिहास-भाग 1-2-3 • अनुवाद संपादन : श्राद्धविधि, शांतसुधारस तथा पूज्य गुरूदेवश्री की 15 पुस्तकें, मंत्राधिराज आदि तथा विजयानंदसूरिजी कृत 'नवतत्व' । • शिष्य-प्रशिष्य : स्व. मु. श्री उदयरत्नविजयजी, मुनि केवलरत्नविजयजी, मुनि कीर्तिरत्नविजयजी, मुनि शालिभद्रविजयजी म. मुनि प्रशांतरत्नविजयजी • उपधान निश्रा दाता : कुर्ला, धुले, येरवडा, आदीश्वर धाम (दो), कर्जत, विक्रोली, मोहना, पालीताणा आदि..
SR No.023125
Book TitleAao Prakrit Sikhe Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorVijaykastursuri, Vijayratnasensuri
PublisherDivya Sandesh Prakashan
Publication Year2013
Total Pages326
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size9 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy