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१७. छन्द-योजना
१८. भाषा
१९.उद्देश्य
निष्कर्ष
वीर रस
(क) युद्ध वीर
(ख) दान वीर
(ग) धर्म वीर
(घ) दया वीर
शृङ्गार रस
(१) सम्भोग शृङ्गार
(२) विप्रलम्भ शृङ्गार
करुण रस
रौद्र रस
भयानक रस
बीभत्स रस
शान्त रस
निष्कर्ष
शब्दालङ्कार
(१) अनुप्रास
(२) यमक
(३) श्लेष (४) वक्रोक्ति
(xiii)
पंचम अध्याय रस-परिपाक
षष्ठ अध्याय
अलङ्कार - विन्यास
११३-१५०
१५१-१९९