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________________ श्री कात्रज (पूना) तीर्थ मंडन श्री महावीरस्वामिन नमः आगमोद्धारकाचार्य श्री आनंद-चन्द्र-देवेन्द्र दोलत-नंदिवर्धनसागर सूरिभ्यो नमः सुविहितशिरोमणिसुरि पुरंदर-श्री-शीलाङ्काचार्यविरचित-वृत्तिसमेतं पञ्चमगणभृत्सुधर्मास्वामि-प्रणीतं श्री आचाराग सूत्रम् [प्रथमाध्ययनात्मकः प्रथमो विभागः ] संपादक-संशोधकश्च व्याख्यान वाचस्पति, निडर वक्ता गच्छाधिपति पू. आचार्यदेवश्री देवेन्द्रसागरसूरीश्वरजी महाराजा तत्पट्टधर वर्तमान गच्छाधिपति कात्रज तीर्थ मार्गदर्शक पू. आचार्यदेवश्री दोलतसागरसूरीश्वरजी महाराजा तत्लघुगुरुबंधु शासन प्रभावक पू. आचार्यदेवश्री देवचन्द्रसागरसूरीश्वरजी म.सा. आ आगमना अधिकारी योगवाही गुरुकुलवासी सुविहित मुनिराजो अने साध्वीजी महाराजो छे. प्रकाशक श्री वर्धमान जैन आगम तीर्थ कात्रज जकात नाका के पास, पूना-सातारा रोड पूना- ४११ ०४६ पूज्यपाद गच्छाधिपति आचार्यदेवश्री देवेन्द्रसागर लगानी मा केशिष्य प्रशिष्य वर्तमान गच्छाधिपति पू. आचार्यदेवश्री दोलतसागरसूरीश्वरजी म.सा , पू.आचार्यदेवश्री नंदिवर्धनसागर सूरीश्वरजी म.सा. पू. आचार्यदेवश्री देवचन्द्रसागर सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा १० का श्री वर्धमान जैन आगम , तीर्थ में चातुमास की यादगिरि के रूप ये आगम छपवाया है । श्री आचारांग सूत्रम् (001)
SR No.022578
Book TitleAcharang Sutram
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDevchandrasagarsuri
PublisherVardhaman Jain Agam Tirth
Publication Year2012
Total Pages146
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_acharang
File Size11 MB
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