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________________ विषय शुद्धि आदि आठ प्रकार शुद्धताका विशेष वर्णन चारित्राचारका वर्णन, वहां पंचमहाव्रतोंका वर्णन . · रात्रिभोजनत्यागका वर्णन.... .... प्रणिधानका वर्णन १२५ समितियोंके नाम तथा ईर्यासमितिका वर्णन भाषासमितिका वर्णन एषणासमितिका वर्णन आदाननिक्षेपणासमितिका वर्णन १३० १२६ १३० .... .... .... .... .... प्रतिष्ठापना समितिका वर्णन -समितिकी महिमाका वर्णन तीनगुप्तियों का वर्णन आठ प्रवचनमात्रिकाओंका - .... .... कथन १३६ १४० १४१ पंच महाव्रतोंकी भावनाका वर्णन १३६ तपआचारका वर्णन, तपके नाम १३९ अनशनतपका वर्णन अवमौदर्यतपका वर्णन रसपरित्यागका वर्णन वृत्तिपरिसंख्यानका वर्णन कायक्लेशका वर्णन विविक्तशय्यासनका वर्णन १४४ १४२ १४३ १४३ बात का वर्णन समाप्तकर अभ्यंतर तपोंके नाम १४५ .... पू. सं. विषय प्रायश्चित्ततपका वर्णन विनयका वर्णन, विनयके १११ १२० पांच भेद कह दर्शनविनका वर्णन १२२ ज्ञानविनयका वर्णन १२३ | चारित्रविनयका वर्णन तपविनयका वर्णन .... .... .... स्वाध्याय का वर्ण आर्त रौद्र धर्म १३२ १३३ वर्णन १३४ | व्युत्सर्गका वर्णन .... उपचारविनयका विशेष वर्णन विनयका माहात्म्यवर्णन वैयावृत्त्यका वर्णन तपकी महिमा तप 1000 .... समाप्त .... वीर्याचारका वर्णन मंगलाचरण, .... 8.30 .... .... .... शुक्लध्यानका .... ... आचार पृ.सं. १४५ १६२ १६३ पिंडशुद्धि-अधिकार । ६ । (८२) .... .... १४६ १४७ १४८ १४९ १४९ १५४ १५५ १५६ आठप्रकार पिंडशुद्धिके नाम, अधःकर्मका वर्णन तथा सो * १५७ १६१ लह उद्गम दोषोंके नाम सोलह उद्गमदोषोंके प्रत्येकका स्वरूप भेद, भेदोंके स्वरूपका विशेष वर्णन १६८ १६७
SR No.022324
Book TitleMulachar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorManoharlal Shastri
PublisherAnantkirti Digambar Jain Granthmala
Publication Year1919
Total Pages470
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size25 MB
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