________________
Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra
www.kobatirth.org
Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir
(८६) रसराज महोदधि। में खाय तो भूली बात याद होय इसी विधिसे बारहो महीना खाय तो शरीरमें रोग नहीं व्यापै निरोग रहै.
काबुली हरोंकामुरब्बा. एक सौ ह लेकर पानीमें डालदे और थोड़ी सीअच्छी माटी लेकर इसी पानीमें डालदे तीन दिन पीछे चुसवै तब साफ करके मधुमें बारह दिन रक्खै फिर दूसरी मधु लेकर दोनों मधुकी चासनी करके उसीमें हरॆ डालदे और फिर ये दवा डालै तज, लौंग, सोंठि, बड़ी इलायची, जायफल, रूमी मस्तंगी ये सब दवाई एक २ तोले दश २ मासे कस्तूरी दोमासे केसरि चारिमासे ले सब दवा मिलाके चालीस दिन पीछे खानेको देय खुराक एक तोले तमाम शरीरको ताकत देताहै दिवानगी दूर करताहै मस्ती लताहै संग्रहणी वात शिर वादी ये सब रोगोंको दूर करताहै आंखोंकी ज्योति बढ़ाताहै कबज़ियतको दूर करताहै.
अथ आँवराका मुरब्बा. अच्छे अँवरा एक सेर लेके एक दिन एक रात पानीमें भिगोदे फिर फिटकरीके पानीमें एक दिन भिगावै तब चूनाके पानीमें एक दिन भिगो पीछे चूना के पानीसे आँवरा धो डालै तब आधा सेर मधु और
For Private and Personal Use Only