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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir अनुक्रमणिका। ३३१ ३५३ ३४२ विषय पृष्टांक बिषय पृष्टांक निदानके पर्याय आगंतुज ज्वर के चार भदे ३५० आग्रूप के लक्षण अभिधातज के लक्षण रूपके लक्षण पर्यादि ३४० अभिषगंज के लक्षण उपशय के लक्षण ग्रहादि ज्वर में सन्निपात अनुपशय के लक्षण ३४१ / शायाभिचारज ज्वर संप्राप्ति के लक्षण मंत्रोत्पन्न ज्वर के लक्षण संप्राप्ति के भेद संक्षेप से ज्वर के दो भेद विकल्प लक्षण शारीर मानस ज्वर प्राधान्य लक्षण सौम्य और तीक्ष्ण ज्वर वलावल कथन अंतम्वहिराथय ज्वर व्याधि का काल प्राकृत वैकृत ज्वर के लक्षण रोगोत्पत्ति का हेतु वर्षादि ऋतुओं में ज्वर का कारण ३५२ तीन प्रकार का आहेत सेवन बसंत में ज्वर का कारण वायुके कोप का कारण साध्यासाध्य ज्वर के लक्षण पित्तके कोप को कारण :सामज्वर के लक्षण कफके कोप का कारण पच्यमानज्वर के लक्षण ३५३ सन्निपात का कारण ३४४ निरामज्वर के लक्षण दोषों का विकारकारित्व ज्वर के पांच भेद द्वितीयोऽध्यायः । संततज्वर की संप्राप्ति के लक्षण ज्वरकी स्थिति और अवधि ज्वर का निर्देश सतत ज्वर में दीर्घ कालकी अनुवृत्ति ,, ज्वर के भेद ३४५ विषमज्वर के सामान्य लक्षण ज्वर की संप्राप्ति | दोषकी प्रवृति निवृति ३५५ ज्वरका पूर्वरूप ज्वरकी रसादि में लीनता यातज ज्वर के लक्षण उक्त विषय में युक्ति पित्तज्वर के लक्षण ३४७ विषमज्वर का स्वरूप कफज्वर के लक्षण रक्ताश्रय दोष को सततज्वर के करस्व३५६ दोषों के सामान्य लक्षण अन्येद्य में विषमज्वर के लक्षण सामान्य से भिन्न दो लक्षण | ठतीयक ज्वर संसर्गज ज्वर के लक्षण चतुर्थक ज्वरकी उत्पत्ति वात पित्तज ज्वर के लक्षण ३४८ | विषमज्वर के तीनभेद बात कफ के लक्षण दोषों के बलाबल से ज्वर कफ पित्तज्वर के लक्षण ज्वर मोक्षकाल का लक्षण सन्निपात ज्वर के लक्षण विगत ज्वर के लक्षण साध्यासाध्य लक्षण तृतीयोऽध्यायः। अन्य प्रकार का सत्रिपात ज्वर सन्निपात के भेद रक्तपित्त के दुषित होने का कारण ३५८ शीतादि और दाहादि वर का अंतर | रक्त की विकृति " ३५४ ३५७ For Private And Personal Use Only
SR No.020075
Book TitleAshtangat Rudaya
Original Sutra AuthorN/A
AuthorVagbhatta
PublisherKishanlal Dwarkaprasad
Publication Year1867
Total Pages1091
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size26 MB
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