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शब्दमाला . २७७
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शब्द / लिंग / श्लोक / अर्थ शब्द / लिंग / श्लोक / अर्थ रेतस् न. ६२९ शुक्र, वीर्य
रोचिष्णु पुं ४४५ कांतिमान रेतोधस् पुं ५५६ (शे. ११७) पिता, बाप | रोदन न. ३०७ आंसु रेप' पुं १४४२ अधम
रोदस् न. (द्वि.व.) ९३९ स्वर्ग अने पृथ्वी रेपस् न. १४४३ (शि. १२९) अधम, हलकुं रोदसि अ. ९३९ स्वर्ग अने पृथ्वी रेफ पुं १४४२ अधम, हलकुं
रोदसी न. ९३९ स्वर्ग अने पृथ्वी रेरिहाण पुं २०० (शे. ४७) शंकर (रोदसी) अ. ९३९ स्वर्ग अने पृथ्वी स्वती स्त्री ११५ (४७) रेवती नक्षत्र रोदसी अ. १५२६ स्वर्ग अने पृथ्वी रेवती स्त्री २०५ (शे. ५१) पार्वती रोधस् न. १०७७ कांठो, तीर रेवतीभव पुं १२० शनि . रोधोवक्रा स्त्री १०७९ नदी (रेवतीमित्र) पुं ३४ छठ्ठा दशपूर्वी रोध पुं ११५९ लोध्र, लोधर रेवतीश पुं २२४ बलदेव
रोप पुं ७७८ बाण रेवन्त पुं १०३ सूर्यनो पुत्र
रोप न. १३६४ छिद्र, बिल रेखा स्त्री १०८३ नर्मदा नदी
रोमगुच्छ पुं ७१७ चामर रेषण न. १४०७ वरुनो अवाज
रोमन् न. ६१९ रुवाटा रेषा स्त्री १४०७ वरुनो अवाज । रोमन् न. ६३० रुवाटा रे पुं स्त्री १९१ धन
रोमलता स्त्री ६०६ नाभिमांथी नीकळेली रे पुं स्त्री १०४३ सोनुं
। रुवाटानी हार .. (रेणुकेय) पुं८४८ परशुराम
रोमलताधार न. ६०४ (शे. १२६) पेट रैवतक पुं १०३१ गिरनार, उज्जयंत पर्वत | | रोमविकार पुं ३०५ रोमांच रोक न. १३६४ छिद्र, बिल
रोमश पुं १२७६ घेटो रोग पुं ४६२ रोग, व्याधि
रोमहर्षण न. ३०५ रोमांच रोगहारिन् पुं ४७२ वैद्य
रोमाञ्च पुं ३०५ रोमांच (रोगित) पुं ४५९ रोगी
रोमावली स्त्री ६०६ नाभिमांथी नीकळेली रोचक पुं न. ३९३ भूख, क्षुधा।
रुवाटानी हार रोचन पुं ४४५ कांतिमान, तेजस्वी रोमोद्गम पुं ३०६ रोमांच रोचनी स्त्री १०६० मणसील. धातु | रोलम्ब पुं १२१२ भमरो। रोचिष न. ९९ किरण
| रोष पुं २९९ क्रोध, रौद्र रसनो स्थायी भाव