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________________ वंदन-अभिनंदन ! सब ही देते... बधाई | श्रीसुमन मुनि के गुण गाना, श्री पण्डित मुनि के गुण गाना। सुमन मुनि जी संत निराला, ज्ञानी-ध्यानी निर्भीक आला। है इतिहास - खजाना, श्री सुमन मुनि के गुण गाना । । पजाब, हरियाणा, दिल्ली पधारे, आन्ध्र, कर्नाटक के भाग्य संवारे । तमिलनाडु में धर्म फैलाना, श्री सुमन मुनि के गुण गाना।। दीक्षा-स्वर्ण-जयन्ति आई, सब ही देते गुरु को बधाई। जीवन भर सरसाना, श्री सुमन मुनि के गुण गाना।। गुरुवर मैं हूँ छोटा बच्चा, फिर भी हूँ मैं दिल का सच्चा, भावाञ्जलि स्वीकार कराना, श्री सुमन मुनि के गुण गाना ।। 'दीपक' गुरुजी ! तव गुण गाए, चरणों में नित शीष झुकाए मम जीवन सफल बनाना, श्री सुमनमुनि के गुण गाना" 0 वैरागी दीपक जैन नई शक्ति नगर, दिल्ली भीवराजजी पिता तिहारे, उत्तम जाति-कुल को धारे। वीरांदे माँ के सुत प्यारे, जिनकी कुक्षि में आप पधारे।। बीकानेर के पांचूं ग्राम में, जन्मे आप सुजान....जय-जय.... बचपन में गिरधारी कहाया, पूर्वकर्म जब उदय में आया। पिता-माताजी स्वर्ग सिधाया, बचपन में था बहु दुःख पाया।। चौदह वर्ष की अल्पायु में, बने विरागी महान्....जय-जय.... शुक्ल गुरु का दर्शन पाया, जीवन का आधार बनाया। आसोजसुदि तेरस दिन आया, भगवती दीक्षा पाठ पढ़ाया।। पन्द्रह वर्ष की लघुवय में ही, बन गये मुनि महान्....जय-जय.... हरियाणा यू.पी. के नगर में, राजस्थान की डगर-डगर में।। पंजाब प्रान्त के ग्राम-नगर में, मद्रास शहर की डगर-डगर में।। तेज गति से विचरण करके, फैलाया धर्म अरु ध्यान....जय-जय.... सादड़ी सोजत भीनासर में, अजमेरशहर के सम्मेलन में। पंजाब प्रतिनिधि मंडल में, आपश्री जी पहुंचे सब में।। पूना सम्मेलन में पाया पद मन्त्री का सम्मान....जय-जय.... जय जय सुमन मुनि गुणवान आसोज सुदी तेरस दिन आया, दीक्षा-दिवस महान्, ___ जय-जय सुमन मुनि गुणवान् । सूरज सम इस जग में चमके, जैन-जगत्-पुण्यवान्, जय-जय सुमन मुनि गुणवान् । । ध्रुव ।।। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.012027
Book TitleSumanmuni Padmamaharshi Granth
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBhadreshkumar Jain
PublisherSumanmuni Diksha Swarna Jayanti Samaroh Samiti Chennai
Publication Year1999
Total Pages690
LanguageHindi, English
ClassificationSmruti_Granth & Articles
File Size24 MB
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