________________
-
Šāntınātha Jain Bhandāra Cambay
[ 203 उवसग्गविप्पमुक्को लहइ य पुन्नप्फलं विउलं ॥ १०८ ॥ छ । सुकोसलचरित्रं समाप्तं ॥ छ । (5) Devakicaritra-Devakisutacarntra_(५) देवकीचरित्र-देवकीसुतचरित्र Folios -44 to 55
Extent - Gāthās 97.
Size - 145X I.7 inches Age of MS. -c first half of the 13th cent. V S Condition - Good आदिः
नमिऊण चलणजुयलं नेमिजिणिंदस्स लोगनाहस्स । देवयसुयाण चरियं नामग्गहणं पवक्खामि ॥१॥
Language - Prakrit
अंतः
इय देवइसुयचरियं जो पढइ सुणेइ जो उ भावेणं ।
सो पावइ परमफलं इहलोए उत्तमं सोक्खं ।। ९७ ॥ छ ।। देवइचरितं समाप्तं ॥ छ ।
(6) Yogasataka (६) योगशतक Folios - 55 to 65
Extant-Gathas IOI. Language - Prakırt
Size -14.5x1.7 inches Author - Haribhadrasuri
Condition - Good Age of MS. -c first half of the 13th cent Vs आदिः
नमिऊण जोगिनाहं सुजोगसदंसगं महावीरं ।
वोच्छामि जोगलेसं जोगज्झयणाणुसारेण ॥ १ ॥ अन्तः
ता इय आणाजोगे जइयव्वमजोगयत्थिणा सम्म ।
एसो च्चिय भवविरहो सिद्धीए सया अविरहो य ॥ १०१ ॥ जोगसयं समत्तं ॥ छ ।
(7) Ajitasantastava (७) अर्जितशान्तिस्तव Folios - 65 to 72
Extent - Gāthás 39 Language - Prakrit
Size - 145x1.7 inches Author - Nandışena
Condition - Good Age of MS. -c. first half of the 13th cent. VS.