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________________ समाज में अग्रणीय और प्रसिद्ध समाज सेवी श्री चक्रेश जैन बिजली वाले, सुप्रसिद्ध समाज सेवी श्री श्रीकमल जैन एडवोकेट भोपाल, श्री विनयकुमार जैन 'अन्ना' एत्मादपुर और श्री रमेशचन्द जैन कागजी ने किया। दीप प्रज्ज्वलन प्राचार्य श्री नरेन्द्रप्रकाश जैन, श्री रामजीत जैन एडवोकेट, श्री पारसदास जैन एवं श्री विनोद कुमार जैन ने किया। साथ में रहीं श्री संतकुमार जैन बैंकर्स टूण्डला वालों की पुत्री श्रीमती ममता जैन। परमपूज्य आचार्य 108 श्री महावीर कीर्तिजी महाराज, आचार्य श्री विमलसागरजी महाराज, आचार्य श्री अजितसागरजी महाराज, आचार्य श्री सन्मतिसागरजी महाराज, आचार्य श्री निर्मलसागरजी महाराज, आचार्य श्री निर्भय सागरजी महाराज के सामूहिक चित्र से बने प्रतीक चिन्ह का अनावरण समारोह के मुख्य अतिथि श्री जैनेन्द्रकुमार जैन, (तहसीलदार) खुर्जा तहसील ने किया। समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध समाज सेवी श्री आदीश जैन (भोपाल) ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों का अपना महत्व होता है, पर उसकी अनावश्यक साज-सज्जा पर जो राशि व्यय होती है, उसका उपयोग यदि अन्य जनकल्याणकारी कार्यों पर करें तो आयोजन अधिक फलदायी और प्रभावी हो सकते हैं। इस अवसर पर प.पु. दि. जैन पंचायत आगरा के अध्यक्ष श्री सी.पी.जैन, भोपाल के प्रसिद्ध अधिवक्ता श्री श्रीकमल जैन एवं जयपुर से पधारे प्रसिद्ध समाजसेवी श्री राजेन्द्रपाल जैन ने भी अपने उद्गार व्यक्त किये। श्री चक्रेश जैन बिजली वाले ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जनमानस में देव-शास्त्र और गुरु के प्रति श्रद्धा की अलख जगाने और धर्मप्रभावना में पद्मावतीपुरवाल जाति के पूज्य साधुसंतों, विद्वानों एवं कार्यकर्ताओं का उल्लेखनीय योगदान है। ग्रंथ के लेखक श्री रामजीत जैन एडवोकेट ने कहा कि इतिहास की पद्यावतीपुरवाल दिगम्बर जैन जाति का उद्भव और विकास 267
SR No.010135
Book TitlePadmavati Purval Digambar Jain Jati ka Udbhav aur Vikas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRamjit Jain
PublisherPragatishil Padmavati Purval Digambar Jain Sangathan Panjikrut
Publication Year2005
Total Pages449
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size16 MB
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