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________________ श्री पद्मावती पुरवाल जैन डायरेक्टरी ५७ दो लड़के तथा एक लड़की अविवाहित हैं और प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ते हैं। परिवार प्रमुख साधारण शिक्षित है और मिठाई की दुकान करते हैं। मूल निवासी कोटला के ही हैं। गाँव-कोटकी (आगरा ) इस परिवार में कुल दस सदस्य हैं, छह पुरुष वर्ग में तथा चार स्त्री वर्ग में । चार लड़के तथा एक लड़की अविवाहित हैं और प्राथमिक कक्षा में पढ़ते हैं। परिवार प्रमुख साधारण शिक्षित हैं और व्यापार व्यवसाय करते हैं। मूल निवासी जारखी (आगरा) के है । छोटेलाल जैन सुपुत्र बनारसीदास जैन, कोटकी (आगरा ) नेमीचन्द जैन सुपुत्र खूबचन्द जैन, कोटकी (आगरा) इस परिवार में तीन पुरुष वर्ग में तथा छह स्त्री वर्ग में कुल नौ सदस्य हैं। एक लड़का तथा चार लड़की अविवाहित हैं और प्राथमिक कक्षा में पढ़ते हैं। परिवार प्रमुख साधारण शिक्षित हैं तथा सिलाई का कार्य करते है । राजबहादुर जैन सुपुत्र बैनीराम जैन, कोटकी (आगरा ) इस परिवार में बारह सदस्य हैं, आठ पुरुष वर्ग में तथा चार स्त्री वर्ग में । छह लड़के तथा दो लड़की अविवाहित है और प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ते हैं। परिवार प्रमुख साधारण शिक्षित हैं और कृषिकार्य करते हैं। मूल निवासी कोटकी के ही है। राजेश्वरप्रसाद जैन सुपुत्र बैनीराम जैन, कोटकी (आगरा ) ८ इस परिवार में आठ सदस्य है, चार पुरुष वर्ग में तथा चार स्त्री वर्ग में । एक लड़का तथा एक लड़की अविवाहित है और प्राथमिक कक्षा में पढ़ रहे है । परिवार प्रमुख साधारण शिक्षित हैं और व्यापार व्यवसाय करते हैं । रोशनलाल जैन सुपुत्र नारायणदास जैन, कोटकी (आगरा ) इस परिवार में पाँच सदस्य हैं, दो पुरुष वर्ग में तथा तीन स्त्री वर्ग में। एक लड़का तथा दो लड़की प्राथमिक कुक्षाओ में पढते हैं और अविवाहित हैं। परिवार प्रमुख साधारण शिक्षित हैं और व्यापार व्यवसाय करते हैं । मूल निवासी कुरगमा (आगरा) के हैं। बुद्धसैन जैन सुपुत्र श्रीपाल जैन, कोटकी (आगरा) इस परिवार में दो सदस्य पुरुष वर्ग में हैं। परिवार प्रमुख साधारण शिक्षित हैं तथा दुकानदारी करते हैं। श्यामलाल जैन सुपुत्र भगवानदास जैन, कोटकी (आगरा ) इस परिवार में सात सदस्य दो पुरुष वर्ग में तथा पाँच स्त्री वर्ग में हैं। एक
SR No.010071
Book TitlePadmavati Purval Jain Directory
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJugmandirdas Jain
PublisherAshokkumar Jain
Publication Year1967
Total Pages294
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size9 MB
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