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________________ पाठ २-यादर्श विद्यार्थी। एक भारतवासी सज्जन एक दिन अमेरिका के एक शहर में घूम रहे थे । उन्हें समाचार पत्र बेचने वाला एक छ। वर्ष का वालक मिला । बालक बोला,-'आप समाचार पत्र खरीदेंगे ?" उन्होंने इन्कार कर दिया। वालक ने फिर श्राग्रह करके कहा, 'महाशय, यह तो एक पैसे ही का है । इसमें अच्छी २ वाते हैं"। उसने प्रसन्न हो पत्र खरीद लिया और वालक से पूछा, "भाई, क्या तुम किसी गरीव पिता के पुत्र हो " वाल:- यह आप कैसे कहते हैं ? सज्जन-तुम समाचार पत्र वेचते हो इससे ऐसा ख्याल हुआ ? __ बालक-क्या समाचार पत्र बेचने वाले गरीब पिता के पुत्र होते हैं ? सजन-भाई ! तुम्हारी आयु बहुत छोटी है । इस समय भी तुमको यह काम क्यों करना पड़ता है ? वालक गंभीरता से बोला, 'क्या आप यह चाहते हैं कि मैं अपने खर्चे के लिए दूसरों का मुंह ताकें । मैं किसी
SR No.010061
Book TitleJain Shiksha Part 03
Original Sutra AuthorN/A
Author
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages388
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size11 MB
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