SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 11
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ ५. तीन रत्न (जैनत्व की झाँकी - पाठ ४) १) तैरने के साधन को क्या कहते हैं ? २) संसार-सागर से तैरने के तीन साधन कौनसे है ? (एक वाक्य) ३) सम्यक्-दर्शन का दूसरा नाम क्या है ? (एक वाक्य) ४) 'सम्यक्त्व' का अर्थ संक्षेप में लिखिए । (एक-दो वाक्य) ५) 'सम्यक्-ज्ञान' किसे कहते हैं ? (एक वाक्य) ६) कौनसे नौ तत्त्वों का यथार्थ ज्ञान 'सम्यक् ज्ञान' है ? (एक वाक्य) ७) 'सम्यक्-चारित्र' किसे कहते हैं ? (एक वाक्य) ८) सम्यक्-दर्शन-ज्ञान-चारित्र का क्रम किस प्रकार का होता है ? (एक-दो वाक्य) ९) 'त्रिरत्न' अथवा 'रत्नत्रय' के तीन रत्न कौनसे हैं ? (एक वाक्य) १०) सम्यक्-दर्शन-ज्ञान-चारित्र को 'रत्न' क्यों कहा है ? (दो-तीन वाक्य) **********
SR No.009952
Book TitleJainology Parichaya 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNalini Joshi
PublisherSanmati Tirth Prakashan Pune
Publication Year2009
Total Pages28
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size137 KB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy