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________________ विषय-सूची विषय प्रास्ताविक निवेदन प्रन्य-नाम ... ... ... प्रन्थका जालीपन १ प्रन्थावतारकी विचित्र कल्पना २ भगवान महावीरके सिर विरुद्ध कथन ३ महावीरके नाम पर असम्बद्ध प्रलाप ४ तेरह पंथियोंसे भगवानकी झड़प ५६ढियों पर गालियोंकी वर्षा कुछ विलक्षण और विरुद्ध बातें १ सब पापोंसे छूटनेका सस्ता उपाय २ धर्म और धनकी विचित्र तुलना । ३ ज्यान और तपका करना वृथा ४ मुक्तिका दूसरा कोई उपाय नहीं ५ भव्यत्वकी अपूर्व कसौटी ६ सम्यग्दर्शनका विचित्र लक्षण • कुन्दकुन्दकी अनोखी श्रद्धाका उल्लेख ८ आगमका अद्भुत विधान ९ कर्मसिद्धान्तकी नई ईजाद १० स्त्री जातिका घोर अपमान "शूद्र-जलादिके त्यागका अजीब विधान १२ भगवानकी मिट्टी खराब अनुवादककी निरंकुशता और अर्थका अनर्थ अनुवाद-स्थितिका सामान्य परिचय ... विशेष परिचय अथवा स्पष्टीकरण उपसंहार १५४ अन्तिम पृष्ठ शुद्धिपत्र
SR No.009241
Book TitleSuryapraksh Pariksha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJugalkishor Mukhtar
PublisherVeer Seva Mandir
Publication Year1934
Total Pages178
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
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