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________________ प्रथम संस्करण : ३ हजार २ अक्टूबर, २००३ क्रमबद्धपर्याय : निर्देशिका (माननीय डॉ. हुकमचन्दजी भारिल्ल की अनुपम कृति 'क्रमबद्धपर्याय' के अध्यापन के उद्देश्य से लिखी गई सहायक पुस्तक) प्रस्तुत कृति की प्रकाशन व्यवस्था हेतु साहित्य प्रकाशन ध्रुव फण्ड में प्राप्त धन राशि १. पूज्य श्री कानजी स्वामी स्मारक ट्रस्ट, देवलाली २५,०००/- रु. २. श्रीमती कुसुमलता शान्तिकुमारजी पाटनी, छिन्दवाड़ा ११,०००/- रु. ३. श्री प्रमोदकुमार जैन पी.के. छिन्दवाड़ा १०,०००/- रु. मूल्य : दस रुपये | ४. श्रीमती पुष्पलता (जीजीबाई) अजितकुमार जैन, छिन्दवाड़ा ४,०००/-रु. लेखक: अभयकुमार जैन एम.काम. जैनदर्शनाचार्य कुल राशि ५०,०००/- रु. जयपुर प्रस्तुत संस्करण की कीमत कम करनेवाले दातारों की सूची १. श्री डी.पी. जैन मुम्बई ९,०००/- रु. २. श्रीमती सुलेखा शाह, जौहरी बाजार, १,०००/- रु. ३. श्रीमती कान्तादेवी लालचन्द जैन, मुम्बई ___५००/- रु. कुल राशि १०,५००/- रु. मुद्रक: जे. के. ऑफसेट प्रिन्टर्स जामा मस्जिद, दिल्ली प्रकाशक: पण्डित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट ए-४ बापूनगर, जयपुर ३०२०१५
SR No.008357
Book TitleKrambaddha Paryaya Nirdeshika
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAbhaykumar Jain
PublisherTodarmal Granthamala Jaipur
Publication Year2003
Total Pages66
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Karma
File Size244 KB
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