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________________ लीजिये. वह -समस्त साहित्यप्रेमी जिसकी प्रतीक्षा कर रहे थे श्रीजैनसाहित्यसम्मेलन विवरण छपकर तय्यार हो गया ! __इस विवरणमें आप क्या क्या पढ़ेंगे ? जैन साहित्य संबंधि, पाश्चात्य एवं एतद्देशीय जैन तथा जैनेतर विद्वानों के लगभग २५ आर्टिकल। और क्या ? डॉ. सतीशचन्द्रविद्याभूषण एम ए. पी एच. डी. तथा डॉ० हर्मन जेकोबीके बड़े मार्केके भाषण! फीर भी कुछ है ? हो. -अधिवे नमें पास हुए प्रस्ताव तथा प्रस्तावोंके प्रसं-गमें भिन्न २ वक्ताओंके दिये हुए महत्त्वपूर्ण व्याख्यान भी शामिल हैं। दाम सिर्फ १) रुपया ही है। पता:श्री यशोविजयजेनग्रंथमाला ऑफीस. खारगेट, भावनगर-(काठिआवाड.)
SR No.007294
Book TitleTerapanthi Hitshiksha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorVidyavijay
PublisherAbhaychand Bhagwan Gandhi
Publication Year1915
Total Pages184
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size14 MB
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