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प्रमेयचन्द्रिका टीका श०२० उ०५ सू०१ पुद्गलस्य वर्णादिमत्वनिरूपणम् निद्धेय एवं जब परमाणुपोग्गले ४ | 'जइ तिफासे सव्वे सीए देसे निद्धे देसे लुक्खे, सबै उसिने देसे निद्धे देसे लक्खे २, सव्वे निद्धे देसे सीए देसे उसिणे३, सव्वे लुक्खे देसे सीए देसे उसिणं ४ | जइ चउफासे देसे सीए देसे उसिणे देसे निद्धे देसे लक्खे एए नवभंगा फासेसु । तिपएसिए णं भंते! खंधे कइवन्ने जहा अट्ठारसमस छसे जाव चउफासे पन्नत्ते । जइ एगबन्ने सिय कालए जाव सुकिल्लए ५ । जइ दुवन्ने सिय कालए य सिय नीलए य१, सिय कालए य नीलगाय २, सिय कालगाय नीलए य३, सिय कालए य लोहियए य१, सिय कालए य लोहियगाय २, सिय कालगाय लोहियए य३, एवं हालिइएण वि समं भंगा तिन्नि३, एवं सुक्किलएण विसमं भंगा तिन्नि३, सिय नीलए य लोहियए य एत्थ वि भंगा तिन्नि३, एवं हालिइएण वि समं भंगा तिन्नि३, एवं सुक्किल्लेण वि समं भंगा तिन्नि३, सिय लोहियए य हालिदए य भंगा तिन्नि३, एवं सुकिल्लेण वि समं भंगा तिन्नि३, सिप हालि - इए य सुकिल्लए य भंगा तिन्नि३, एवं सव्वे ते दसदुया संजोगा भंगा तीसं भवति । जइ तिवन्ने सिय कालए य नीलए य लोहियए य १, सिय कालए य नीलए य हलिदए य २, सियकालए य नीलए य सुकिल्लए य ३, सिय कालए य लोहियए यहालिए य४, सिय कालए य लोहियए य सुकिल्लए य५,
શ્રી ભગવતી સૂત્ર : ૧૩