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________________ प्रश्न १४. उत्तर प्रभाव प्रश्न १५ उत्तर १. अरिहन्त का प्रतीक रंग कौनसा है- उसका क्या महत्व है? णमोकार मन्त्र में प्रतीकात्मक पद्धति अपनायी गयी है इसीलिए अरिहन्त का रंग श्वेत है । यह इन्द्रधनुष वाले सात रंगों के आनुपातिक मिश्रण से बनता है । यह मूल रंग नहीं है । १. २. ३. ४. णमो अरिहन्ताणं पद की १०८ बार माला फेरना (एक बार मात्र) उक्त सिद्धिदायक होगा । एक दिन में प्रात: काल में एक माला जाप सात दिन तक ब्रह्मचर्य पूर्वक । सिद्ध परमेष्ठी का प्रतीक रंग कौन सा है? उसका महत्व क्या है? सिद्ध परमेष्ठी का प्रतीक रंग लाल है । महत्व - लालवर्ण जप के माध्यम से भक्त में शक्ति, क्रिया आरै गति की वृद्धि करता है । मन, वाणी और कर्म पर नियन्त्रण भी इस वर्ण से होता है । बाल रवि इसका प्रतीक है। शरीर में इसकी कमी हो तो प्रमाद, विक्षिप्तता और रक्तचाप का आक्रमण होता है । पद्मप्रभु और “मूल छित्ता समणो जो गिण्हादि य बाहिरं जोगं । बाहिर जोगा सब्बे मूल विद्दणस्स किं करिस्संति ।। £180 £ णमो अरिहन्त्राणं पद का श्वेतरंग हमें - श्वास, अस्थि एवं उदर के रोगों से बचाता है । पांचन क्रिया में सहायक है । संरक्षण शक्ति देता है । I मानसिक सन्तुलन और निर्मलता देता है श्वेतवस्त्र और श्वेतवर्ण की माला श्वेतरंग का कमरा सहायक तत्त्व है । ६. मू. आ. ४२०
SR No.006271
Book TitleMahamantra Namokar Vaigyanik Anveshan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRavindra Jain
PublisherMegh Prakashan
Publication Year2000
Total Pages234
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size16 MB
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