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________________ 296 पत्याउनु भावन जंधायेषु युल्यू डांई हमलातो अहद्‌मा उध्यमां खावे व्यारे चापको चल यारे નથી स्वनु‌बंध बुद्धि में उल्टी ९२शे, अशुभ अनुबंध बुधिने अनुबंध जुधिने शीघ्र उरे डर्मनी सहनशक्ति नेनुं डेवा लाव धशे ते अनुसंध उपर छे. सला:- शुभ खनुजेध समडित खाग पछी बाय साहेजक:- मोनिमार्गनी प्रथम लुमिंडा यापूर्नजंघ चामे त्यारथी भवने तेना खात्मा पर E211 धूवू थोडो थोडो युल्यानो अनुबंध घालु घाय छे पछी papa केम प्रेम मोतमार्गेनी भूमिमा यठतो निम अनुबंध बघतो भ लय खने चायना अनुद चुल्य घटना लय: साचा छोस्ट चाडे छे महापुरुष गॅरन्टी खायें छे डें गमे ते प्रवृत्ति s३ पुष्यनों सवाल ܗ જ तेनुं खात्मा १००% मुल्यको खनुबंध सम्यग् होस्ट खात्मानी गमेच्या चला खकाने अनुबंध (००% चडशे तेने पाचना थ्र्य ने हता Conversion अनुबंधन तो के नही लूनडाजमा पापना अनुसंध थालु याच सम्यग्दृष्टि खात्याने खोयतो गुस्सो जायें त्यारे प्रवृत्ति ङे मारामारी ये वजने जँघायु शुंड तो उन्हें राज छता तें युलुङ या चाप चला उरे क्यार उध्यमां सावशे त्यांबे तेने क्षमाना न लाव भगशे सम्यगद्द ोधमा अनुबंध दृष्टि , ܗ 24 खात्मा ना बुली तेथी व उ नाम दुबे ने शुल ܘܛܗ अनुबंध जगत
SR No.005862
Book TitleAnukampadan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorYugbhushanvijay
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages400
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati
File Size8 MB
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