________________ - - जगत्पूज्य स्वर्गस्थ शास्त्रविशारद जैनाचार्य श्रीमद् विजयधर्मसूरीश्वरजी महारानके शिष्य-मुनिराज श्रीजयन्तविजयनीके शिष्य मुनिराज श्रीविशालविजयनीके उपदेशसे और खीवाणदीनिवासी शाह भीमाजी हकमाजीके प्रयत्नसे इस ग्रन्थके प्रकाशनकार्यमें सहायता देनेवाले उदार गृहस्थों की शुभ नामावली. - - - 231-0-0 खीवाणदी (मारवाड) निवासी शाह भीमानी हक मानी के तर्फसे, अपने पूज्य पिताजी हकमानी कूपानी और माताजी रकमादे के स्मरणार्थ. / 187-8-0 खीवाणदी (मारवाड) निवासी शाह शंकरलालजी कस्तुरचन्दनी की तर्फसे, अपने पूज्य पिताजी शाह कस्तूरचन्दनी हकमाजी के स्मरणार्थ, 93-12-0 खीवाणदी (मारवाड) निवासी शाह अनूपचन्दनी गुलाबनी के तर्फसे, अपने पूज्य पिताजी शाह गुलाबनी भगवान्दासनी के स्मरणार्थ. 93-12-0 खीवाणदी (मारवाड) निवासी शाह चीमनलालनी कपूरचन्दनीकी तर्फसे, अपने पूज्य पिताजी शाह कपूरचन्दनी मकनाजी के स्मरणार्थ, 93-12-0 खीवाणदी (मारवाड) निवाप्ती शाह दलीचन्दनी भूतानी के तर्कसे, अपने पून्य पिताजी शाह भूतानी तिलोकनी के स्मरणार्थ. 50-4-0 दोलपरा(मा.)निवासी शाह देवीचन्दनी ढुंबाजीके तर्फसे 750-0-0 - - // - - - - - -