SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 114
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ हस्त उत्तानासन ___हस्त उत्तानासन हस्त उत्तानासन पंजों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाइये / अब हाथों को पेट के सामने कैंचीनुमा आकार में रखिये। हाथों को इसी स्थिति में ही ऊपर ले जाते - हुए गर्दन को पीछे झुकाइये / भुजाओं को कंधों की सीध में दोनों ओर फैला दीजिए | कलाइयों को पुनः कैंचीनुमा बनाकर पहली स्थिति में ले आइये। श्वास हाथों को उठाते समय श्वास लीजिये तथा नीचे लाते हुए छोड़िये / हाथों ...की उठी हुई स्थिति में श्वास को अन्दर ही रोकिये / : समय - इसे १०.बार दुहराइये। लाभ .... यह कंधों के जोड़ों तथा गोल कन्धों को सुधार कर ठीक करता है / मेरुदण्ड को फैलाकर संबंधित स्नायु - दबाव को सामान्य करता है। ... मस्तिष्क - जागृति के केन्द्रों को उत्तेजित करने में यह उपयोगी है। . 97
SR No.004406
Book TitleAasan Pranayam Mudra Bandh
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSatyanand Sarasvati
PublisherBihar Yog Vidyalay
Publication Year2004
Total Pages440
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size18 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy