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________________ मुनि दीपरत्नसागरेण संसोधितः संपादितश्च एगूणवीसइमं पयं समत्तं [] तीसइमं पासणया पयं [५७३] कतिविहा णं भंते पासणया पन्नत्ता गोयमा दुविहा पासणया पन्नत्ता तं जहासागारपासयणा अणागारपासणया सागारपासणया णं भंते छव्विहा पन्नत्ता तं जहासुयनाणसागारपासणया ओहिनाणसागारपासणया मणपज्जवनाणसागारपासणया केवलनाणसागारपासयणया सुयअण्णाणसागार-पासणया विभंगनाणसागारपासणया अणागारपासणया णं भंते तिविहा पन्नत्ता तं जहाचक्खुदंसण-अणागारपासणया ओहिदंसणअणागारपासणया केवलदंसणअणागारपासणया एवं जीवाणं पि, नेरइयाणं भंते पुच्छा गोयमा दुविहा पन्नत्ता तं जहा- सागारपासणया अणागारपासणया नेरइयाणं भंते सागारपासणया चउव्विहा पन्नत्ता तं जहा - सुतनाणसागारपासणया ओहिनाणसागरपासणया सुयअण्णाणसागारपासणया विभंगनाणसागारपासणया नेरइयाणं भंते अणागारपासणया दुविहा पन्नत्ता तं जहा- चक्खुदंसण अणागारपासणया य ओहिदंसणअणागारपासणया य एवं जाव थणियकुमारा पुढविक्काइयाणं भंते कतिविहा पासणया पन्नत्ता गोयमा एगा सागारपासणया पुढविक्काइयाणं भंते सागारपासणया कतिविहा पन्नत्ता गोयमा एगा सुयअन्नाणसागारपासणया पन्नत्ता एवं जाव वणप्फइकाइयाणं बेइंदियाणं भंते एगा सागारपासणया पन्नत्ता बेइंदियाणं भंते सागारपासणया कतिविहा पन्नत्ता गोयमा दुविहा सुतनाणसागा-रपासणया य सुयअण्णाणसागारपासणया य एवं तेइंदियाण वि चउरिंदियाणं पुच्छा गोयमा दुविहा पन्नत्ता तं जहा- सागारपासणया य अणागारपासणया य सागारपासणया जहा- बेइंदियाणं, चउरिंदियाणं भंते अणागारपासणया कतिविहा पन्नत्ता गोयमा ! गा चक्खुदंसण -अणागारपासणया पन्नत्ता मणूसाणं जहा- जीवाणं सेसा जहा- नेरइया जाव वेमाणिया । जीवा णं भंते किं सागारपस्सी अणागारपस्सी गोयमा जीवा सागारपस्सी वि अणागारपस्सी वि से केणद्वेणं भंते एवं वच्चति० गोयमा जे णं जीवा सुयनाणी ओहिनाणी मणपज्जवनाणी केवल पय-३० सुयअण्णाणी विभंगनाणी ते णं जीवा सागारपस्सी जे णं जीवा चक्खुदंसणी ओहिदंसणी केवलदंसणी ते णं जीवा अणागारपस्सी से तेणट्ठेणं गोयमा एवं वुच्चति - जीवा सागरपस्सी वि अणागारपस्सी वि नेरइया णं भंते किं सागारपस्सी अणागारपस्सी गोयमा एवं चेव नवरं सागारपासणयाए मणपज्जवनाणी केवलनाणी न वुच्चंति अमागारपासणयाए केवलदंसणं नत्थि एवं जाव थणियकुमारा, पुढविक्काइयाणं पुच्छा गोमा पुढविक्काइया सागारपस्सी नो अणागारपस्सी से केणटणं भंते एवं वच्चति गोयमा पुढविक्काइयाणं एगा सुयअन्नाणसागारपासणया पन्नत्ता से तेणट्ठेणं गोयमा एव वच्चति एवं जाव वणस्सतिकाइया बेइंदियाणं पुच्छा गोयमा सागारपस्सी नो अणागारपस्सी से केणद्वेणं भंते एवं वुच्चति गोयमा बेइंदियाणं दुविहा सागारपासणया पन्नत्ता तं जहा - सुयनाणसागारपासणया य सुअन्नाणसागारपासणया य से तेणद्वेणं गोयमा एवं वुच्चति एवं तेइंदियाण वि, चउरिंदियाणं पुच्छा गोयमा चउरिंदिया सागारपस्सी वि अणागारपस्सी वि से केणट्टेणं गोयमा जे णं चउरिंदिया सुयनाणी सुतअण्णाणी ते णं चउरिंदिया सागारपस्सी जे णं चउरिंदिया चक्खुदंसणी ते णं चउरिंदिया अणागारपस्सी से तेणट्ठेणं गोयमा एवं वुच्चति मणूसा जहा- जीवा अवसेसा जहा- नेरइया जाव वेमाणिया । [दीपरत्नसागर संशोधितः ] [186] [१५- पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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