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________________ सयअन्नाणसागरोवओगे विभंगनाणसागरोवओगे, अणागारोवओगे णं भंते० चउव्विहे पन्नत्ते तं जहाचक्खुदंसणअणागारोवओगे अचक्खुदसणअणागारोवओगे ओहिदसणअणागारोवओगे केवलदंसण अणागारोवओगे एवं जीवाणं पि । नेरइयाणं भंते कतिविहे उवओगे पन्नत्ते गोयमा दुविहे उवओगे० सागरोवओगे य अणागारोवओगे य नेरइयाणं भंते सागारोवओगे कतिविहे पन्नत्ते गोयमा छव्विहे० मतिनाणसागारोवओगे सुय ओगे ओहिनाणसागारोवओगे मतिअन्नाणसागोरोवओगे सयअन्नाणसागारोवओगे विभंगनाणसागारोवओगे नेरइयाणं भंते अणागारोवओगे कतिविहे पन्नत्ते गोयमा तिविहे. चक्खुदंसणअणागारोवओगे अचक्खदंसणअणागारोवओगे ओहिदंसणअणागारोवओगे एवं जाव थणियकमाराणं पढविक्काइयाणं पच्छा गोयमा दुविहे उवओगे पन्नत्ते तं जहा- सागारोवओगे य अणागारोवओगे य पुढविक्काइयाणं भंते सागारोवओगे कतिविहे पन्नत्ते गोयमा दुविहे. मतिअण्णाणे सुतअण्णाणे पुढविक्काइयाणं भंते अणागारोवओगे० एगे अचक्खुदंसणअणागारोवओगे पन्नत्ते एवं जाव वणप्फइकाइयाणं बेइंदियाणं पुच्छा गोयमा दविहे उवओगे पन्नत्ते तं जहा- सागारे अणागारे य बेइंदियाणं भंते सागारोवओगे कतिविहे पन्नत्ते गोयमा चउव्विहे० आभिणिबोहियनाणसागारोवओगे सुयनाणसागारोवओगे मतिअण्णाणसागारोवओगे सुत-अण्णाणसागारोवओगे बेइंदियाणं भंते अणागारोवओगे कतिविहे पन्नत्ते गोयमा एगे अचक्खुदंसण-अणागा-रोवओगे एवं तेइंदियाण वि चउरिंदियाण वि एवं चेव नवरंअणागारोवओगे दुविहे पन्नत्ते तं जहा- चक्खु-दंसणअणागारोवओगे य अचक्खुदंसणअणागारोवओगे य पंचेंदियतिरिक्खजोणियाणं जहा- नेरइयाणं मणु-स्साणं जहा- ओहिए उवओगे भणइयं तहेव भाणियव्वं वाणमंतर-जोइसिय-वेमाणियाणं जहा- नेरइयाणं । जीवा णं भंते किं सागारोवउत्ता अणागारोवउत्ता गोयमा सागरोवउत्ता वि अणागारोवउत्ता वि से केणटेणं भंते एवं वुच्चति० गोयमा जे णं जीवा आभिणिबोहियनाण-सुतनाण-ओहिनाण-मण-केवलपय-२९ मतिअण्णाण-सुतअण्णाण-विभंगनाणोवउत्ता ते णं जीवा सागारोवउत्ता जे णं जीवा चक्खुदंसण-अचक्खुदंसण-ओहिदंसण-केवलदंसणोवउत्ता ते णं जीवा अणागारोवउत्ता से तेणटेणं गोयम पति-जीवा सागारोवउत्ता वि अणागारोवउत्ता वि नेरइया णं भंते पुच्छा गोयमा नेरइया सागारोवउत्ता वि अणागारोवउत्ता वि से केणटेणं भंते एवं वुच्चति-गोयमा जे णं नेरइया आभिणिबोहियनाणसुत-ओहिनाणमतिअण्णाण-सुतअण्णाण-विभंगनाणोवउत्ता ते णं नेरइया सागारोवउत्ता जे णं नेरइया चक्खुदंसणअचक्खुदंसण-ओहिदंसणोवउत्ता ते णं नेरइया अणागारोवउत्ता से तेणद्वेणं गोयमा एवं वुच्चति-नेरइया सागारोवउत्ता वि अणागारोवउत्ता वि एवं जाव थणियकुमारा पुढविकाइयाणं पुच्छा गोयमा तहेव जाव जे णं पुढविकाइया मतिअण्णाणसुतअण्णाणोवउत्ता ते णं पुढविकाइया सागारोवउत्ता जे णं पुढविकाइया अचक्खुदंसणोवउत्ता ते णं पुढविक्काइया अणागारोवउत्ता से तेणटेणं गोयमा एवं वुच्चति जाव वणप्फइकाइया, बेइंदियाणं अट्ठसहिया तहेव पुच्छा गोयमा जाव से णं बेइंदिया आभिणिबोहियनाणसुतनाण-मतिअण्णाण-सुयअण्णा-णोवउत्ता ते णं बेइंदिया सागरोवउत्ता जे णं बेइंदिया अचक्खुदंसणोवउत्ता ते णं बेइंदिया अणागारोवउत्ता से तेणटेणं गोयमा एवं वुच्चति एवं जाव चरिंदिया नवरं-चक्खुदंसणं अब्भहियं चउरिंदियाणं पंचेंदियतिरिक्खजोणिया जहा- नेरइया मणूसा जहा- जीवा वाणमंतरजोतिसियवेमाणिया जहा- नेरइया ।। [दीपरत्नसागर संशोधितः] [185] [१५-पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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