SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 286
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ [सूर्यप्रज्ञप्तिसूत्र 74412 9154 13 = 11895 = 15.245 744 15 मण्डल तथा १६वें मण्डल में 3 भाग न्यन अभिवधित मास में नक्षत्र कितने मण्डल गमन करता है ? एक युग के 744/13 अभिवधित मास हैं / उसमें 1835 - मण्डल गमन करता है / तो एक अभिवधित मास में नक्षत्र कितने मण्डल गमन करेगा? 134 1835 - 23855 .. 18 =16..-. मण्डल परिभ्रमण करेगा। 24744 1488 1488 -~सूत्र 85 समाप्त। सूत्र 86 प्राभूत 15 चन्द्र रात्रि में कितने मण्डल परिभ्रमण करता है ? एक युग के अहोरात्र 1830 हैं। उनमें 1768 अर्धमण्डल गति करता है। तो एक अहोरात्र में कितने अर्धमंडल गति करेगा? 884- = 650 एक अर्धमण्डल के 31 भाग न्यून गति करता है। 615 915 सूर्य एक अहोरात्र में कितने अर्धमण्डल गति करता है ? एक यग के दिवस 1830 हैं, उनमें 1830 अर्धमण्डल गति करता है। तो एक अहोरात्र में कितने अर्धमण्डल गति करेगा ? 1830 = 1 अर्धमण्डल गति करेगा। 1830 नक्षत्र कितने अर्धभण्डल गति करता है ? एक युग के दिवस 1830 हैं। उनमें 1835 अर्धमण्डल गति करता है। तो एक अहोरात्र में कितने अर्धमण्डल गति करेगा? 1835 = 1 अर्धमण्डल 5/1830 भाग गति करता है। 1830 एक मण्डल गति करने पर चन्द्र को कितना समय लगता है ? 884 मण्डल गति करने पर चन्द्र को 1830 दिवस लगते हैं तो एक मण्डल की गति करने पर कितने दिवस लगेंगे? Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003484
Book TitleAgam 16 17 Suryaprajnapti Chandraprajnapti Sutra - Swe Mu Pu Agam 16 17
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages300
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy