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________________ 232] [सूर्यप्राप्तिसूत्र अर्थात् नक्षत्र को एक मंडल पूर्ण करने में 1 दिवस 29 मुहूर्त 307/367 भाग समय लगता अर्थात् 59 मुहूर्त में 307/367 भाग समय लगता है / अर्थात् 59 मुहूर्त में 106800 भाग परिक्षेप करता है / एक मुहूर्त में कितने भाग परिक्षेप करेगा? 11.307 367 21960 367 3674109800 21960 1835 भाग एक मुहर्त में गमन करता है। सूर्य-चन्द्र की गति में क्या विशेषता है ? सूर्य-चन्द्र की अपेक्षा 62 भाग विशेष गमन करता है। सूर्य १८३०---चन्द्र 1768362 भाग जब चन्द्र गति समापन्न हो तब नक्षत्र की गति से क्या विशेष है ? नक्षत्र 67 भाग विशेष गति करता है / क्योंकि नक्षत्र 1835 भाग गमन करता है / चन्द्र 1768 भाग गमन करता है। नक्षत्र १८३५-चन्द्र 1768 = 67 भाग अधिक गमन करता है। सूत्र 85-- नक्षत्रमास में चन्द्र कितने मंडल गति करता है ? चन्द्र एक नक्षत्रमास में 13 मंडल 13/67 भाग गति करता है। इसका कारण यह है कि एक युग के नक्षत्रमास 67 हैं। चन्द्र मंडल 884 है / 67 नक्षत्रमास में 884 चन्द्रमंडल चन्द्र गति करता है / एक नक्षत्रमास में कितने मंडल गति करता है ? 884-67 = 13 मंडल 13/67 भाग गति करता है / नक्षत्रमास में सूर्य कितने मंडल गति करता है ? 13 मंडल 44/67 भाग गति करता है। एक युग के 67 नक्षत्रमास में 915 सूर्य मंडल की गति करे तो एक मास में कितने मंडल गति करता है? 915 -13 मंडल 44/67 भाग गति करता है। नक्षत्रमास में नक्षत्र कितने मंडल गति करता है ? Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003484
Book TitleAgam 16 17 Suryaprajnapti Chandraprajnapti Sutra - Swe Mu Pu Agam 16 17
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages300
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
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