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________________ 528 [ प्रज्ञापनासूत्र . axm 64 89 106 42 re 131 95 ___ 54 92 . 0 22 अ 152 14 पउमुप्पल नलिणाणं पउमुपल संघाडे पउमुष्पलिणीकंदे पण्णवणा ठाणाई पत्तउर सीयउरए पत्तेया पज्जत्ता परमत्थसंथवो वा पलंडू-ल्हसणकंदे य पाढा मियवालुकी पुढवी य सक्करा वालुया पुत्तंजीवयऽरिठे पुष्फा जलया थलया पुस्तफलं कालिग पूई करंज सेण्हा (सण्हा) पूसफली कालिंगी फुसइ प्रणेते सिद्ध बत्तीस अट्ठवीसा बलि भूयाणंदे वेणुदालि बारवती य सुरट्ठा वारस चउवीसाई भासग परित्त पज्जत्त भासा सरीर परिणाम भुय रुक्ख हिंगुरुक्खे भूप्रत्थेणाधिगया महुरा य सूरसेणा मासपण्णी मुग्गपण्णी मुद्दिय अप्पा भल्ली रायगिह मगह चंपा रुक्खा गुच्छा गुम्मा रुरु कंडरिया जारू McMUMWWW.WWW 60% 40 लोगागासपएसे णिग्रोयजीवं 104 108 55 65 लोगागासपएसे परित्तजीवं 105 54 वइराड वच्छ वरणा 115 102 वगयजर-मरणभए वंसे वेलु कणए वाइंगण सल्लइ बोंडइ विटं गिरं कडा वेणु गल इक्खुवाडिय वेंट बाहिर पत्ता सण वाण कास मग 48 सणिहिया सामाणा सत्तट्ठ जातिकुलकोडिलक्ख 111 सप्फाए सज्जाए 49 समयं बक्कताणं सव्वो वि किसलयो खलु 211 191 ससबिंदु गोत्तफुसिया ___45 184 साएय कोसला गयपुरं 102 144 187 160 साली वीही गोधम 4250 114 10289 साहारणमाहारो 101 54 सिद्ध ति य बुद्ध त्तिय 178 211 181 212 201 / सिद्धस्स सुहो रासो 173 211 सिंघाडगस्स गुच्छो 48 सुयरयणनिहाणं जिनवरेण 2 सुरगणसुहं समत्तं 172 211 सेडिय भत्तिय होत्तिय 35 47 सेयवियावियणवरी 117 102 सेरियए थोमालिय 24 43 सो होइ अहिगमरुई 126 110 हरियाले हिंगुलए 48 हासे हासरई विय 154 206 182 191 38 Go NK 0 1 xx 153 194 ___ 169 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003483
Book TitleAgam 15 Upang 04 Pragnapana Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorShyamacharya
AuthorMadhukarmuni, Gyanmuni, Shreechand Surana, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1983
Total Pages1524
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size37 MB
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