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________________ Jain Education International " " For Private & Personal Use Only क्रम कर्मप्रकृति का नाम जघन्य स्थिति उत्कृष्ट स्थिति अबाधाकाल निषेककाल 72 दुरभिगन्धनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम 20 कोडाकोड़ी सागरोपम 2000 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में सागरोपम का भाग 2 हजार वर्ष कम 73-77 मधुर आदि पांच रस नामकर्म शुक्लवर्ण आदि पांच वर्षों की स्थिति शुक्लादि पंचवर्णवत् पंचवर्णवत् पंचवर्णवत् के समान 75-81 अप्रशस्त स्पर्श चार (कर्कश, सेवार्तसंहनन के समान सेवार्तसंहननवत् से वार्तसंहननवत सेवार्तसंहननवत् गुरु, रूक्ष, शीत) 82-85 प्रशस्त स्पर्श चार (मद्र, लघ, शूक्लवर्णनामकर्म की स्थिति के समान शुक्लवर्णवत् शुक्लवर्णवत् शुक्लवर्ण वत् स्निग्ध, उष्ण) 56 अगुरुलघुनामकर्म सेवार्तसंहनन के समान सेवार्तवत् सेवार्तवत् सेवार्तवत् 87 उपघातनामकर्म 88 पराघात नामकर्म 89 नरकानुपूर्वीनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम 20 कोडाकोड़ी सागरोपम 2000 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में दो सहस्र सागरोपम का भाग हजार वर्ष कम 90 तिर्य चानुपूर्वीनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम सागरोपम का भाग 91 मनुष्यानुपूर्वीनामकर्म पत्योपम के अस ख्यातवें भाग कम 15 कोडाकोड़ी सागरोपम 1500 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में 1500 सागरोपम का" भाग वर्ष कम 92 देवानुपूर्वीनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम 10 कोडाकोड़ी सागरोपम 1000 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में 1000 सहस्र सागरोपम का भाग वर्ष कम 93 उच्छवासनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम 20 कोडाकोड़ी सागरोपम 2000 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में 2 सागरोपम का भाग हजार वर्ष कम 94 प्रातपनामकर्म 95 उद्योतनामकर्म 96 प्रशस्त विहायोगतिनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम 10 कोडाकोड़ी सागरोपम 1000 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में 1 सागरोपम का भाग हजार वर्ष कम 97 अप्रशस्तविहायोगतिनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम 20 कोडाकोड़ी सागरोपम 2000 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में 2 सागरोपम का भाग हजार वर्ष कम 98 असनामकर्म 99 स्थावरनामकम 100 सूक्ष्मनामकर्म पल्योपम के असंख्यातवें भाग कम 18 कोड़ाकोड़ी सागरोपम 1800 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में 1800 सागरोपम का भाग वर्ष कम 101 बादरनामकर्म अप्रशस्तविहायोगति की स्थिति के समान 20 कोडाकोड़ी सागरोपम 2000 वर्ष उत्कृष्ट स्थिति में 2000 वर्ष कम " " [प्रज्ञापनासूत्र www.jainelibrary.org
SR No.003483
Book TitleAgam 15 Upang 04 Pragnapana Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorShyamacharya
AuthorMadhukarmuni, Gyanmuni, Shreechand Surana, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1983
Total Pages1524
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size37 MB
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