________________ समर्पण जैन आगम-दर्शनशास्त्र के प्रकाण्ड पण्डित, बहुश्रुत, श्रमणसंघ के उपाचार्यप्रवर, सद्गुरुवर्य श्रद्धय श्री देवेन्द्रमुनिजी म. को सादर विनय सभक्ति -राजेन्द्रमुनि Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org