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________________ २३६ ] [ सूर्यप्रज्ञप्तिसूत्र १८३० , = २ ३१ र -- = दो दिवस और ३१/४४२ भाग में एक मंडल गति करता है। ८८४ एक मंडल सूर्य कितने रात्रि-दिवस में गमन करता है। ९१५ मंडल गति करने पर सूर्य को १८३० दिवस लगते हैं, तो एक मंडल की गति करने पर कितने दिवस लगते हैं ? १८३० = २ अहोरात्र ९१५ नक्षत्र कितने दिवस में एक मंडल गति करता है ? १८३५/२ मंडल गति करने पर नक्षत्र को १८३० दिवस लगते हैं तो एक मंडल की गति करने पर नक्षत्र को कितने दिवस लगेंगे? १८३० ७३२ ३६५ १८३५४ २ - 380 = १ ३६८ दो अहोरात्र में दो भाग कम एक अहोरात्र के ३६७ भाग। युग में चन्द्र कितने मंडढल गति करता है ? चन्द्र एक मुहूर्त में मंडल के १०९८०० भाग में से १७६८ भाग गति करता है । युग के मुहूर्त एक मुहूर्त में १७६८/१०९८०० गति करता है। तो ५४९०० मुहूर्त में कितनी गति करेगा? ५४९०० १०९1०० १०५८-१०९८०० ९७०६३२०० = ८८४ 14 . = ८८४ मंडल गति करता है। युग में सूर्य मंडलों की संख्या ?
SR No.003459
Book TitleSuryaprajnapti Chandraprajnapti
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages302
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Geography, agam_suryapragnapti, & agam_chandrapragnapti
File Size4 MB
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