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________________ परिशिष्ट ] [ २३५ १५ मंडल तथा १६ वें मंडल में ३ भाग न्यून। अभिवर्धित मास में नक्षत्र कितने मंडल गमन करता है ? एक युग के ७४४/१३ अभिवर्धित मास हैं । उसमें १८३५/२ मंडल गमन करता है। तो एक अभिवर्धित मास में नक्षत्र कितने मंडल गमन करेगा ? १३४१८३५ २३८५५ ४७ . २४७४४ -१४८८ - १६ मण्डल परिभ्रमण करेगा। __ - सूत्र ८५ समाप्त। सूत्र ८६ प्राभृत १५ चन्द्र रात्रि में कितने मण्डल परिभ्रमण करता है ? एक युग के अहोरात्र १८३० हैं। उनमें १७६८ अर्धमण्डल गति करता है। तो एक अहोरात्र में कितने अर्धमंडल गति करेगा ? १७६८ ८८४ - ९१५ एक अर्धमंडल के ३१ भाग न्यून गति करता है। १८३० सूर्य एक अहोरात्र में कितने अर्धमंडल गति करता है ? एक युग के दिवस १८३० हैं, उनमें १८३० अर्धमंडल गति करता है । तो एक अहोरात्र में कितने अर्धमंडल गति करेगा? १८३० - १ अर्धमंडल गति करेगा। नक्षत्र कितने अर्धमंडल गति करता है ? . एक युग के दिवस १८३० हैं । उनमें १८३५ अर्धमंडल गति करता है । तो एक अहोरात्र में कितने अर्धमंडल गति करेगा? १८३५ = १ अर्धमंडल ५/१८३० भाग गति करता है। एक मंडल गति करने पर चन्द्र को कितना समय लगता है ? ८८४ मंडल गति करने पर चन्द्र को १८३० दिवस लगते हैं तो एक मंडल की गति करने पर कितने दिवस लगेंगे? १८३०
SR No.003459
Book TitleSuryaprajnapti Chandraprajnapti
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages302
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Geography, agam_suryapragnapti, & agam_chandrapragnapti
File Size4 MB
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