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[ सूर्यप्रज्ञप्तिसूत्र
चिट्ठइ। प. ता रुयए णं दीवे समचक्कवालसंठिए, विसमचक्कवालसंठिए ? उ. ता समचक्कवालसंठिए, नो विसमचक्कवालसंठिए।। प. ता रुयए णं दीवे केवइयं समचक्कवालविक्खंभेणं केवइयं परिक्खेवेणं? उ. ता असंखेज्जाई जोयणसहस्साई चक्कवालविक्खंभेणं,
असंखेजाई जोयणसहस्साई परिक्खेवेणं आहिए त्ति वएज्जा, प. तारुयए णं दीवे केवइया चंदा पभासेंसु वा जाव केवइया तारागणकोडिकोडीओ सोभं
सो.सु सोभिस्संति वा? उ. तारुयए णं दीवे असंखेजा चंदा पभासेंसु वा जाव असंखेजाओ तारागणकोडिकोडीओ
सोभं सोभिस्संति वा। एवं रुयगोदे समुद्दे, १. रुयगवरे दीवे, २. रुयगवरोदे समुद्दे। १. रुयगवरोभासे दीवे, २. रुयगवरभासोदे समुहे। एवं तिपडोयारा दीवे-समुद्दा णायव्वा, जाव, १. सूरे दीवे, २. सूरोदे समुद्दे,
१. सूरवरे दीवे, २. सूरवरोदे समुद्द,
१. सूरवरोभासे दीवे, २. सूरवरभासोदे समुद्दे। सव्वेसिं विक्खंभ-परिक्खेवो जोइसाइं रुयगवरदीवसरिसाई। ता सूरवरोभासोदं णं समुदं देवे णामं दोवे वट्टे वलायाकारसंठाणसंठिए सव्वओ समंता संपरिक्खित्ताणं चिट्ठइ। प. ता देवे णं दीवे किं समचक्कवालसंठिए विसमचक्कवालसंठिए ? उ. ता समचक्कवालसंठिए नो विसमचक्कवालसंठिए । प. ता देवे णं दीवे केवइयं चक्कवालविक्खंभेणं केवइयं परिक्खेवेणं? आहिए त्ति वएज्जा । उ. ता असंखेज्जाइं जोयणसहस्साइं चक्कवालविक्खंभेणं असंखेजाइं जोयणसहस्साई परिक्खेवेणं
आहिए त्ति वएज्जा। प. ता देवेणं दीवे केवइया चंदा पभासेंसु वा जाव केवइया तारागण-कोडिकोडीओ सोभं सोभिस्संति
वा।