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________________ प्रथम अध्ययन : गाथापति आनन्द] [३७ उसके अनन्तर उसने भक्ष्य-विधि का परिमाण किया मैं घयपुण्य (घृतपूर्ण)--घेवर, खंडखज (खण्डखाद्य)--खाजे, इन के सिवाय और सभी पकवानों का परित्याग करता हूं। ३५. तयाणंतरं च णं ओदणविहिपरिमाणं करेइ- नन्नत्थ कलमसालि-ओदणेणं, अवसेसं ओदण-विहिं पच्चक्खामि। तब उसने ओदनविधि का परिमाण किया कलम जाति के धान के चावलों के सिवाय मैं और सभी प्रकार के चावलों का परित्याग करता हूं। विवेचन उत्तम जाति के बासमती चावलों का संभवतः कलम एक विशेष प्रकार है। आनन्द विदेहउत्तर बिहार का निवासी या। आज की तरह तब भी संभवतः वहाँ चावल ही मुख्य भोजन था। यही कारण है कि खाने के अनाजों के परिमाण के सन्दर्भ में केवल ओदनविधि का ही उल्लेख आया है, जिसका आशय है विभिन्न चावलों में एक विशेष जाति के चावल का अपवाद रखते हुए अन्यों का परित्याग करना। इससे यह अनुमान होता है कि तब वहां गेहूँ आदि का खाने में प्रचलन नहीं था या बहुत ही कम था। ३६. तयाणंतरं च णं सूवविहिपरिमाणं करेइ। नन्नत्थ कलायसूवेण वा, मुग्गमाससूवेण वा, अवसेसं सूवविहिं पच्चक्खामि। तत्पश्चात् उसने सूपविधि का परिमाण--दाल के प्रयोग का सीमाकरण किया-- मटर, मूंग और उडद की दाल के सिवाय मैं सभी दालों का परित्याग करता हूँ। ३७. तयाणंतरं च णं घयविहिपरिमाणं करेइ। नन्नत्थ सारइएणं गोधयमंडेणं. अवसेसं घयविहिं पच्चक्खामि। उसके बाद उसने घृतविधि का परिमाण किया-- शरद्ऋतु के उत्तम गो-घृत के सिवाय मैं सभी प्रकार के घृत का परित्याग करता हूं। विवेचन __ आनन्द के खाद्य, पेय, भोग्य, उपभोग्य तथा सेव्य--जिन-जिन वस्तुओं का अपवाद रखा, अर्थात् अपने उपयोग के लिए जिन वस्तुओं को स्वीकार किया, उन-उन वर्णनों को देखने से प्रतीत होता है कि उपादेयता, उत्तमता, प्रियता आदि की दृष्टि से उसने बहुत विज्ञता से काम लिया। अत्यन्त उपयोगी, स्वास्थ्यवर्द्धक, हितावह एवं रूचि-परिष्कारक पदार्थ उसने भोगोपभोग में रखें। प्रस्तुत सूत्र के अनुसार आनन्द के घृतों में केवल शरद् ऋतु के गो-घृत सेवन का अपवाद रखा। इस
SR No.003447
Book TitleAgam 07 Ang 07 Upashak Dashang Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Trilokmuni, Devendramuni, Ratanmuni
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages276
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Conduct, & agam_upasakdasha
File Size19 MB
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