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________________ सातवां अध्ययन १४९ १५३ १५४ १५५ १५९ १६० १६१ १६२ १६२ सार : संक्षेप आजीविकोपासक सकडालपुत्र सम्पत्ति : व्यवसाय देव द्वारा सूचना सकडालपुत्र की कल्पना भगवान् महावीर का सान्निध्य सकडालपुत्र पर प्रभाव भगवान् का कुंभकारापण में पदार्पण नियतिवाद पर चर्चा बोधिलाभ सकडालपुत्र एवं अग्निमित्रा द्वारा व्रत-ग्रहण १२. भगवान् का प्रस्थान गोशालक का आगमन १४. सकडालपुत्र द्वारा उपेक्षा गोशालक द्वारा भगवान का गण-कीर्तन गोशालक का कभंकारापण में आगमन १७. निराशापूर्ण गमन १८. देवकृत उपसर्ग १९. अन्तःशुद्धि : आराधना : अन्त १६४ ११. १६५ १६९ १६९ १३. १७० १५. १७० ६. १७६ १७७ १७७ १७९ आठवां अध्ययन १८१ १८५ १८८ १८८ 359 सार : संक्षेप श्रमणोपासक महाशतक पत्नियां : उनकी सम्पत्ति महाशतक द्वारा व्रतसाधना रेवती की दुर्लालसा रेवती की मांस-मद्य-लोलुपता महाशतक : अध्यात्म की दिशा में महाशतक को डिगाने हेतु रेवती का कामुक उपक्रम महाशतक की उत्तरोत्तर बढ़ती साधना आमरण अनशन १८९ १९० १९२ १९३ ९. १९४ १९४ [३७]
SR No.003447
Book TitleAgam 07 Ang 07 Upashak Dashang Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Trilokmuni, Devendramuni, Ratanmuni
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages276
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Conduct, & agam_upasakdasha
File Size19 MB
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