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________________ 134 Bibliography of Prakrit and Jaina Research 680. जैन, ज्योति आदिपुराण का समालोचनात्मक अध्ययन आगरा, 1999, अप्रकाशित नि०- डा० (श्रीमती) विद्यावती मिश्र, रीडर, क० मु० विद्यापीठ, आगरा (उ०प्र०) 681. जैन, नरेन्द्र कुमार विद्यार्थी (स्व०) आचार्य जिनसेनकृत महापुराण के आधार पर ऋषभ तथा भरत के जीवन-चरित्रों का तुलनात्मक अध्ययन सागर, 1966, अप्रकाशित (टंकित, पृष्ठ 416) नि०- डा० हरिराम मिश्र अ०- (1) भूमिका, (2) ऋषभदेव तथा भरत का जीवन, (3) ऋषभदेव तथा भरत का समाज धर्म, (4) ऋषभदेव तथा भरत का राज्य धर्म, (5) ऋषभदेव तथा भरत का व्यक्ति धर्म (आत्म धर्म). (6) ऋषभदेव तथा भरत का व्यक्तित्व (7) ऋषभदेव तथा भरत का दर्शन, (8) परिशिष्ट। 682. जैन, नीलम (श्रीमती) आचार्य रविषेण कृत पद्मपुराण : एक पर्यालोचन मेरठ, 1987, अप्रकाशित 682.A जैन, नीलम (कुमारी) वेदव्यास एवं जिनसेन कृत हरिवंशपुराणों का तुलनात्मक अध्ययन लखनऊ, 2004, अप्रकाशित 683. जैन, प्रेमचन्द्र हरिवंशपुराण का सांस्कृतिक अध्ययन राजस्थान, 1976, प्रकाशित (1) जैन उच्चानुशीलन केन्द्र, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर (2) सुखविलास, मालवीय नगर, B-417, जयपुर-302017 प्रका०- देवनागर प्रकाशन. चौड़ा रास्ता, जयपुर (राजस्थान) प्रथम : 1983/60.00/16 + 202 अ०- (1) पुराण विवेचन, (2) जिनसेनाचार्य, व्यक्तित्व एवं कृतित्व, (3) जैन पुराण साहित्य और उसमें हरिवंशपुराण का स्थान, (4) संस्कृति के मूल तत्त्व, (5) हरिवंशपुराण कालीन सामाजिक जीवन, (6) हरिवंशपुराण कालीन राजनैतिक जीवन, (7) हरिवंशपुराण कालीन आर्थिक जीवन, (8) हरिवंशपुराण कालीन धार्मिक जीवन, (9) हरिवंशपुराण के पात्रों का चरित्र-चित्रण, (10) पुराण में दार्शनिक तत्त्व, (11) भारतीय संस्कृति को हरिवंशपुराण का योगदान। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.002731
Book TitlePrakrit evam Jainvidya Shodh Sandarbha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKapurchand Jain
PublisherKailashchandra Jain Smruti Nyas
Publication Year2004
Total Pages244
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Literature
File Size8 MB
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